नौसैनिक जहाज की टक्कर पर भारत ने पाकिस्तान को घेरा, कहा- पीएनएस हुनैन ने समुद्री नियमों का उल्लंघन किया
पश्चिमी अरब सागर में भारतीय और पाकिस्तानी नौसैनिक जहाजों की टक्कर पर भारत ने पाकिस्तान के दावों को खारिज करते हुए पीएनएस हुनैन पर समुद्री नियम उल्लंघन का आरोप लगाया।
भारत ने भारतीय नौसेना के युद्धपोत से टक्कर को लेकर पाकिस्तान के दावों को खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि आईएनएस कोलकाता पश्चिमी अरब सागर में नियमित तैनाती पर था, तभी पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज पीएनएस हुनैन ने समुद्र में अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर तरीके से संचालन किया, जिसके कारण टक्कर हुई।
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान की ओर से अपने विरोध पर दिए गए जवाब को देखा है। उन्होंने इसे अपेक्षित तरीके से तथ्यों से बचने वाला जवाब बताते हुए आरोपों और संकेतों को खारिज किया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, पीएनएस हुनैन की खतरनाक तरीके से ओवरटेक करने की कोशिश अप्रैल 1991 में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य अभ्यास, युद्धाभ्यास और सैनिकों की आवाजाही की पूर्व सूचना से संबंधित समझौते के अनुच्छेद 10 का उल्लंघन थी। इस प्रावधान के तहत समुद्र में नौसैनिक इकाइयों के बीच कम से कम तीन समुद्री मील की दूरी होनी चाहिए। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तानी जहाज ने समुद्र में टक्कर रोकने संबंधी अंतरराष्ट्रीय नियमों का भी उल्लंघन किया।
भारत ने पाकिस्तान की सेना से सभी सैन्य इकाइयों को उचित सावधानी बरतने और दोनों देशों के बीच संबंधित समझौतों का पालन करने की सलाह देने को कहा है।
टक्कर के बाद पीएनएस हुनैन बंदरगाह लौट गया। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी जहाज को काफी नुकसान हुआ है। नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल एन.एस. राजासुब्रमणि को घटना की जानकारी दी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भी ब्रीफ किया गया।
भारतीय पक्ष के अनुसार, 15 सितंबर की शाम समुद्री अभ्यास के दौरान पीएनएस हुनैन एक अग्रिम भारतीय युद्धपोत के बेहद करीब आ गया और तेज, असुरक्षित तथा गैर-पेशेवर तरीके से दिशा बदलने के कारण दोनों जहाजों की टक्कर हुई। घटना अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुई और भारतीय पोत को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
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