भारत और दक्षिण कोरिया शांति व स्थिरता के पक्षधर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने शांति, व्यापार और तकनीकी सहयोग पर जोर दिया। दोनों देशों ने 2030 तक व्यापार 50 अरब डॉलर करने का लक्ष्य तय किया।
नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के बीच वार्ता के दौरान दोनों देशों ने वैश्विक शांति और स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मौजूदा समय में जब दुनिया कई संघर्षों और तनावों का सामना कर रही है, ऐसे में भारत और दक्षिण कोरिया मिलकर शांति और स्थिरता का संदेश दे रहे हैं।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत आए हैं, जिसका उद्देश्य व्यापार, रक्षा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है। दोनों नेताओं के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक के बाद यह संयुक्त बयान जारी किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि दक्षिण कोरिया ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और इंडो-पैसिफिक महासागर पहल में शामिल होने का निर्णय लिया है, जिससे क्षेत्रीय सहयोग को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि दोनों देश मिलकर एक शांतिपूर्ण, प्रगतिशील और समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के निर्माण में योगदान देंगे।
इस दौरान "इंडिया-कोरिया डिजिटल ब्रिज" नामक एक दीर्घकालिक परियोजना की शुरुआत की घोषणा की गई, जिसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना है। इसके अलावा जहाज निर्माण, स्थिरता, इस्पात और बंदरगाह जैसे क्षेत्रों में भी समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने कहा कि दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 25 अरब डॉलर से बढ़ाकर 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने भारत की ‘विकसित भारत 2047’ पहल की सराहना करते हुए कहा कि भारत वैश्विक दक्षिण में एक प्रमुख नेतृत्वकर्ता के रूप में उभर रहा है।
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