भारत–अमेरिका संबंध: व्यापार और रक्षा सहयोग पर जयशंकर–रूबियो की फोन वार्ता
जयशंकर और रूबियो ने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा व परमाणु सहयोग पर चर्चा की। शुल्क विवाद के बीच भारत–अमेरिका संबंधों को मजबूत रखने पर सहमति बनी।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार (13 जनवरी, 2026) को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से फोन पर बातचीत की। इस बातचीत में व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, परमाणु ऊर्जा, रक्षा और ऊर्जा जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग को लेकर चर्चा हुई। जयशंकर–रूबियो की यह वार्ता ऐसे समय में हुई है, जब एक दिन पहले ही नवनियुक्त अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा था कि व्यापार के मुद्दे पर भारत और अमेरिका के बीच संपर्क होने वाला है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने बातचीत को “अच्छी चर्चा” बताते हुए कहा कि दोनों पक्ष इन और अन्य मुद्दों पर संपर्क में बने रहने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, परमाणु सहयोग, रक्षा और ऊर्जा पर विस्तार से चर्चा हुई।
हाल के महीनों में भारत–अमेरिका संबंधों में तनाव देखा गया है। इसकी एक बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत तक के भारी शुल्क लगाना रहा, जिसमें रूसी तेल खरीद पर 25 प्रतिशत का दंडात्मक शुल्क भी शामिल है। बीते वर्ष दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन भारत के कृषि और डेयरी क्षेत्रों को खोलने की अमेरिकी मांगों के चलते समझौता नहीं हो सका।
और पढ़ें: भारत पहुंचे नए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर, बोले—दोनों देशों के लिए आगे अपार अवसर
सोमवार को अमेरिकी दूतावास में दिए गए अपने संबोधन में राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते पर सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं और अगले दौर की बातचीत शीघ्र होगी। उन्होंने भारत को अमेरिका का सबसे आवश्यक साझेदार बताते हुए दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
इस बीच, जयशंकर–रूबियो की बातचीत ऐसे समय हुई, जब राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की। भारतीय सरकारी सूत्रों के अनुसार, इससे भारत पर न्यूनतम प्रभाव पड़ने की संभावना है, क्योंकि भारत–ईरान व्यापार 2 अरब डॉलर से भी कम है और ईरान भारत के शीर्ष 50 व्यापारिक साझेदारों में शामिल नहीं है।
और पढ़ें: भारत-अमेरिका व्यापार समझौता साल की पहली छमाही में होने की संभावना: इयान ब्रेमर