अमेरिका से तरजीही शुल्क मिलने के बाद ही भारत-अमेरिका व्यापार समझौता होगा अंतिम: पीयूष गोयल
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि अमेरिका से भारतीय उत्पादों के लिए प्रतिस्पर्धियों की तुलना में तरजीही शुल्क मिलने के बाद ही भारत व्यापार समझौते को अंतिम रूप देगा।
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए भारत ने अपनी प्राथमिकता स्पष्ट कर दी है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि भारत अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते यानी बीटीए की अंतिम घोषणा तभी करेगा, जब वॉशिंगटन भारतीय उत्पादों को उसके प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में तरजीही शुल्क दर देने पर सहमत होगा।
गोयल ने मुक्त व्यापार समझौतों के माध्यम से निर्यात बढ़ाने के विषय पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि जैसे ही अमेरिका भारत को प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर शुल्क दर देने में सक्षम होगा, दोनों देश समझौते को अंतिम रूप देंगे और इसके अंतिम विवरण की घोषणा की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि भारत द्वारा पहले किए जा चुके व्यापार समझौते घरेलू कारोबारियों के लिए निर्यात के नए और महत्वपूर्ण अवसर खोल रहे हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले महीनों और वर्षों में भारत कई अन्य देशों और समूहों के साथ भी व्यापार समझौते करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इनमें कनाडा, मेक्सिको, चिली, ब्राजील के नेतृत्व वाला मर्कोसुर समूह, दक्षिण अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ, खाड़ी सहयोग परिषद और इजरायल शामिल हैं।
और पढ़ें: BCCI ने रोहित शर्मा के संन्यास की अटकलों को खारिज किया, देवजीत सैकिया बोले- अफवाहों को हवा न दें
भारत और अमेरिका लंबे समय से पारस्परिक लाभ वाले बीटीए पर बातचीत कर रहे हैं। जून में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि राजदूत जेमिसन ग्रीर की नई दिल्ली यात्रा के दौरान गोयल के साथ समझौते के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई थी। इनमें बाजार पहुंच बढ़ाना, डिजिटल व्यापार, आपूर्ति शृंखला की मजबूती, गैर-शुल्क बाधाओं में कमी और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग शामिल थे।
दोनों पक्षों ने वार्ता में पर्याप्त प्रगति पर संतोष जताया है और ऐसे समझौते की प्रतिबद्धता दोहराई है, जिससे दोनों देशों के कारोबारियों, किसानों, श्रमिकों और उपभोक्ताओं को ठोस लाभ मिले।
वर्ष 2025 में भारत का अमेरिका को वस्तु निर्यात 103.82 अरब डॉलर रहा, जबकि अमेरिका से भारत का वस्तु आयात लगभग 45.6 अरब डॉलर था। इस तरह दोनों देशों के बीच कुल वस्तु व्यापार 149.42 अरब डॉलर रहा। इसी अवधि में सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार 92.23 अरब डॉलर दर्ज किया गया।
और पढ़ें: ईरान में शादी समारोह के दौरान गिरा मिसाइल, चार की मौत और 68 घायल; मलबे में बदला मंडप