होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी मिसाइल हमला, यूएई के तेल टैंकर पर भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत
होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी मिसाइल हमले में यूएई के तेल टैंकर पर सवार एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गई, जबकि छह भारतीय समेत आठ लोग घायल हुए।
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के ओमानी समुद्री क्षेत्र में उसके दो राष्ट्रीय तेल टैंकर 'मोम्बासा' और 'अल बहियाह' पर ईरान की ओर से दागी गई दो क्रूज़ मिसाइलों से हमला किया गया। इस हमले में मोम्बासा टैंकर पर तैनात एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग घायल हो गए।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, घायलों में छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। इनमें से चार की हालत गंभीर बताई गई है। मिसाइल हमले के बाद दोनों टैंकरों में आग लग गई, जिससे उन्हें भारी नुकसान पहुंचा। हालांकि चालक दल की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण आग पर काबू पा लिया गया और एक बड़े समुद्री हादसे को टाल दिया गया।
यूएई ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है। मंत्रालय ने कहा कि देश अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और समुद्री हितों की रक्षा के लिए आवश्यक सभी कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी फिर से लागू कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मार्ग से सुरक्षित आवाजाही करने वाले अन्य देशों के जहाजों से सुरक्षा व्यवस्था की लागत के लिए शुल्क लिया जाएगा।
ट्रंप के इस बयान के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी हलचल तेज हो गई। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का दाम 7.8 प्रतिशत बढ़कर 81.92 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। विश्लेषकों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव और बढ़ता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर पड़ सकता है।
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