नॉर्वे में सब्जियों के दाम देखकर भारतीय ने पूछा- क्या हम अपने किसानों के साथ नाकाम हो रहे हैं?
नॉर्वे में रहने वाले भारतीय विनोद ने महंगी सब्जियों का वीडियो साझा किया। नींबू, टमाटर और खीरे की कीमतों ने किसानों की आय और उपभोक्ता कीमतों पर चर्चा छेड़ दी।
नॉर्वे में रहने वाले एक भारतीय व्यक्ति ने यूरोपीय देश में रोजमर्रा की सब्जियों की कीमतों का वीडियो साझा किया है। वीडियो सामने आने के बाद भारत और नॉर्वे में सब्जियों के दामों के अंतर को लेकर ऑनलाइन चर्चा शुरू हो गई। साथ ही यह सवाल भी उठाया गया कि किसानों को उनकी उपज का कितना हिस्सा वास्तविक रूप से मिल पाता है।
विनोद नाम के व्यक्ति ने नॉर्वे की एक किराना दुकान का वीडियो साझा किया। इसमें उन्होंने नींबू, टमाटर और खीरे समेत कई सब्जियों के दाम दिखाए। विनोद ने कहा कि नॉर्वे में कई वर्षों से रहने के बावजूद जब भी वह वहां की दुकान पर जाते हैं, सब्जियों की कीमतें उन्हें हर बार हैरान करती हैं।
विनोद के अनुसार, नॉर्वे की दुकान में जैविक नींबू की कीमत करीब 850 रुपये प्रति किलोग्राम थी। वहीं, टमाटर लगभग 680 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहे थे। एक खीरे की कीमत करीब 300 रुपये बताई गई। इन कीमतों की तुलना भारत में मिलने वाली सब्जियों की कीमतों से की गई, जिसके बाद लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं।
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विनोद ने इस तुलना के जरिए किसानों की आय और उपभोक्ताओं द्वारा चुकाई जाने वाली कीमत के बीच अंतर पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि यदि दूसरे देशों में कृषि उत्पाद इतने महंगे दामों पर बिक सकते हैं, तो क्या भारत में किसानों को उनकी मेहनत और उपज का उचित मूल्य मिल रहा है?
हालांकि, अलग-अलग देशों में सब्जियों की कीमतों की सीधी तुलना करते समय उत्पादन लागत, मजदूरी, परिवहन, कर, मौसम, जैविक खेती और आयात जैसी परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है। नॉर्वे में जीवन-यापन की लागत भी भारत की तुलना में काफी अलग है।
विनोद ने किसानों की आय, खाद्य कीमतों और कृषि उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला पर एक व्यापक ऑनलाइन बहस को जन्म दिया है।
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