हिंद महासागर क्षेत्र में संवाद, विश्वास और सहयोगी सुरक्षा के प्रति भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता दोहराई
भारतीय नौसेना ने IONS पैनल में हिंद महासागर क्षेत्र में संवाद, विश्वास और सहयोगी सुरक्षा की प्रतिबद्धता दोहराई। चर्चा में तकनीक, प्रशिक्षण और क्षेत्रीय स्थिरता को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
भारतीय नौसेना ने हिंद महासागर क्षेत्र (Indian Ocean Region - IOR) में संवाद, पारस्परिक विश्वास और सहयोगी सुरक्षा को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया है। यह आश्वासन भारतीय नौसेना ने हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (Indian Ocean Naval Symposium - IONS) के पैनल में दिया, जहां क्षेत्र के उभरते नौसैनिक नेता एकत्र हुए।
बैठक में भाग लेने वाले अधिकारियों ने समुद्री सहयोग, क्षेत्रीय स्थिरता और साझा सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया। चर्चा का मुख्य जोर उभरती तकनीक के उपयोग, पेशेवर प्रशिक्षण और संयुक्त प्रयासों के माध्यम से हिंद महासागर को सुरक्षित बनाए रखने पर रहा। भारतीय नौसेना के प्रतिनिधियों ने कहा कि खुला संवाद और आपसी भरोसा ही इस क्षेत्र को किसी भी संभावित खतरे से सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी तरीका है।
पैनल में यह भी कहा गया कि हिंद महासागर वैश्विक व्यापार और सामरिक गतिविधियों का केंद्र है, इसलिए इसकी सुरक्षा केवल एक देश की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के सामूहिक प्रयासों से संभव है। प्रतिभागियों ने इस बात पर जोर दिया कि तकनीकी साझेदारी, प्रशिक्षण कार्यक्रम और आपसी विश्वास को बढ़ाने से समुद्री अपराधों और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सकती है।
भारतीय नौसेना ने कहा कि वह भविष्य में भी सहयोगी देशों के साथ मिलकर संयुक्त अभ्यास और संवाद को आगे बढ़ाएगी, ताकि हिंद महासागर क्षेत्र को सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध बनाया जा सके।
और पढ़ें: भारत और सिंगापुर की नौसेनाओं ने सफलतापूर्वक पूरा किया SIMBEX अभ्यास