काला सागर में व्यावसायिक जहाज पर हमले में भारतीय नाविक की मौत, भारत ने की कड़ी निंदा
काला सागर में व्यावसायिक जहाज पर हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई। भारत ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए समुद्री सुरक्षा और निर्बाध वैश्विक व्यापार सुनिश्चित करने की मांग की।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच काला सागर में एक व्यावसायिक जहाज पर हुए हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई। इस घटना की पुष्टि भारत के विदेश मंत्रालय ने की। मंत्रालय ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, मार्शल द्वीप के ध्वज वाला व्यावसायिक जहाज एमवी ओमोरफी रूस के क्षेत्रीय जल से गुजर रहा था, तभी उस पर हमला हुआ। जहाज हाल ही में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग बंदरगाह से रवाना हुआ था। घटना के समय जहाज पर कुल 10 चालक दल के सदस्य मौजूद थे, जिनमें तीन भारतीय नागरिक भी शामिल थे।
हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि अन्य दो भारतीय सुरक्षित हैं। विदेश मंत्रालय ने मृतक की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। सरकार ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और कहा है कि रूस में स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है तथा परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बयान जारी कर कहा कि भारत व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाए जाने की कड़े शब्दों में निंदा करता है। उन्होंने कहा कि निर्दोष नागरिक चालक दल के सदस्यों की जान को खतरे में डालने वाले ऐसे हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। भारत ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करते हुए समुद्री नौवहन की सुरक्षा और वैश्विक व्यापार के निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करने की अपील की है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी एमवी गोल्डन लियो नामक जहाज पर हुए हमले में चार भारतीयों की मौत हो गई थी। वह जहाज ओडेसा से रवाना होने के दौरान यूक्रेन के तट के पास हमले का शिकार हुआ था। इस घटना के बाद भारत ने नई दिल्ली में रूस के प्रभारी राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया था और स्पष्ट किया था कि व्यावसायिक जहाजों पर हमले स्वीकार्य नहीं हैं।
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