इंडिगो का तीसरी तिमाही का मुनाफा 78% गिरकर ₹549.1 करोड़ पर आया
इंडिगो का दिसंबर 2025 तिमाही का मुनाफा 78% गिरकर ₹549.1 करोड़ रह गया, हालांकि कुल आय बढ़ी। परिचालन बाधाओं और DGCA की सख्ती का असर दिखा।
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) को चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में भारी झटका लगा है। एयरलाइन की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड ने गुरुवार (22 जनवरी 2026) को जानकारी दी कि दिसंबर 2025 को समाप्त तीन महीनों में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 78 प्रतिशत गिरकर ₹549.1 करोड़ रह गया। एक साल पहले इसी अवधि में कंपनी ने ₹2,448.8 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया था।
नियामक फाइलिंग के अनुसार, हालांकि मुनाफे में तेज गिरावट आई है, लेकिन इंडिगो की कुल आय में बढ़ोतरी दर्ज की गई। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में इंटरग्लोब एविएशन की कुल आय ₹24,540.6 करोड़ रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में ₹22,992.8 करोड़ थी। यानी साल-दर-साल आधार पर कंपनी की आय में वृद्धि हुई है, लेकिन खर्च और अन्य चुनौतियों के कारण लाभ पर दबाव बना रहा।
पिछले महीने इंडिगो को बड़े पैमाने पर परिचालन बाधाओं का सामना करना पड़ा था। दिसंबर की शुरुआत में उड़ानों में देरी, रद्दीकरण और संचालन संबंधी समस्याओं के कारण यात्रियों को काफी असुविधा हुई। इन घटनाओं के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने सख्त रुख अपनाते हुए इंडिगो के शीतकालीन उड़ान कार्यक्रम में 10 प्रतिशत की कटौती कर दी थी। यह कटौती 10 फरवरी तक लागू रहेगी।
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विशेषज्ञों का मानना है कि उड़ानों में कटौती, परिचालन व्यवधान, बढ़ती लागत और नियामकीय सख्ती ने कंपनी की लाभप्रदता को प्रभावित किया है। हालांकि, मजबूत यात्री मांग और बढ़ती आय यह संकेत देती है कि आने वाले समय में स्थिति में सुधार की संभावना बनी हुई है।
इंडिगो प्रबंधन की ओर से उम्मीद जताई गई है कि परिचालन स्थिरता लौटने और लागत नियंत्रण उपायों के जरिए आने वाली तिमाहियों में कंपनी का प्रदर्शन बेहतर हो सकता है।
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