विशाखापट्टनम में अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू, अमेरिका-ईरान और रूस समेत 70 देशों की नौसेनाएँ होंगी शामिल
विशाखापट्टनम में 17 फरवरी को होने वाले अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू में 70 देशों की नौसेनाएँ भाग लेंगी। अमेरिका, ईरान और रूस की मौजूदगी इसे खास बना रही है।
भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू (IFR) 17 फरवरी को आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में आयोजित होने जा रहा है। इस भव्य कार्यक्रम में दुनिया भर की नौसेनाएँ भाग लेंगी, जिससे भारत की समुद्री शक्ति और वैश्विक रक्षा सहयोग का प्रदर्शन होगा।
इस कार्यक्रम में 20 से अधिक देशों के युद्धपोत भाग लेने वाले हैं, जबकि कुल मिलाकर 70 से ज्यादा देशों की नौसेनाएँ किसी न किसी रूप में इसमें शामिल होंगी। सबसे खास बात यह है कि अमेरिका, ईरान और रूस जैसे देश भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन देशों के बीच चल रहे तनाव के बावजूद उनका एक मंच पर आना इस कार्यक्रम को और भी महत्वपूर्ण बना रहा है।
भारतीय नौसेना इस मौके पर अपनी ताकत और आधुनिक क्षमताओं का भव्य प्रदर्शन करेगी। 50 से अधिक भारतीय युद्धपोत और पनडुब्बियाँ समुद्र में उतरेंगी और अपनी मारक क्षमता, तकनीकी दक्षता और रणनीतिक तैयारी का प्रदर्शन करेंगी। यह आयोजन भारत की समुद्री सुरक्षा क्षमता और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में उसकी बढ़ती भूमिका को भी दर्शाएगा।
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इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी शामिल होंगी। उनकी मौजूदगी इस आयोजन की गरिमा को और बढ़ाएगी। इस फ्लीट रिव्यू का उद्देश्य वैश्विक नौसेनाओं के बीच सहयोग, विश्वास और सामूहिक सुरक्षा को बढ़ावा देना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह आयोजन भारत की रक्षा कूटनीति के लिए बेहद अहम है और इससे भारत की वैश्विक रणनीतिक स्थिति और मजबूत होगी।
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