×
 
☰

ब्रिटेन में अमेरिकी एयरबेस के पास बम साजिश की अटकलों पर ईरानी दूतावास का जवाब, कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

आरएएफ फेयरफोर्ड के पास पांच गिरफ्तारियों के बाद ईरानी दूतावास ने किसी संबंध से इनकार किया। ब्रिटिश एजेंसियां आतंकवाद-रोधी जांच कर रही हैं, लेकिन मकसद अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है।

ब्रिटेन के ग्लॉस्टरशायर स्थित आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस के पास पांच लोगों की गिरफ्तारी के बाद ईरान से कथित संबंधों की अटकलों को लंदन स्थित ईरानी दूतावास ने खारिज कर दिया है। दूतावास ने कहा कि तेहरान का इस घटना से कोई संबंध नहीं है और वह भ्रामक मीडिया खबरों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखता है।

दूतावास ने कहा कि कुछ ब्रिटिश लोगों और मीडिया संस्थानों की ओर से लगाए गए आरोप निराधार और दुर्भावनापूर्ण हैं। ईरानी पक्ष ने आशंका जताई कि ऐसी खबरें ब्रिटेन में ‘ईरानोफोबिया’ को बढ़ावा दे सकती हैं।

यह बयान ऐसे समय आया है जब ब्रिटेन की सुरक्षा एजेंसियां घटना की आतंकवाद-रोधी जांच कर रही हैं। अधिकारियों ने अब तक घटना के पीछे किसी मकसद या ईरान से संबंध की सार्वजनिक पुष्टि नहीं की है।

और पढ़ें: ईरान का दावा- होर्मुज जलडमरूमध्य में दूसरा अमेरिकी ड्रोन कब्जे में लिया, अमेरिका ने दावे को नकारा

पुलिस के अनुसार, रविवार तड़के वेलफोर्ड के पास पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। यह स्थान आरएएफ फेयरफोर्ड से लगभग 3.2 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में है। पुलिस को करीब 00:45 बजे तीन संदिग्ध वाहनों के एयरबेस की ओर जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद सशस्त्र अधिकारियों ने पांचों संदिग्धों को हिरासत में लिया।

शुरुआत में उन्हें विस्फोटक अधिनियम के तहत हिरासत में रखा गया और बाद में आतंकवाद अधिनियम 2000 की धारा 5 के तहत आतंकवादी कृत्य की तैयारी के संदेह में गिरफ्तार किया गया। सोमवार तक किसी पर आरोप तय नहीं किए गए थे।

पुलिस और सेना के बम-निरोधक विशेषज्ञों ने तीन सफेद वैन की जांच की। इनमें कथित तौर पर संदिग्ध विस्फोटक उपकरणों से मिलती-जुलती सामग्री मिली थी। बम निष्क्रिय करने वाले रोबोटों की मदद से सामग्री की जांच और उसे हटाने का काम किया गया।

सुरक्षा अभियान के दौरान 400 मीटर का घेरा बनाया गया और करीब 85 घरों के निवासियों को बाहर निकाला गया। आतंकवाद-रोधी पुलिस जांच का नेतृत्व कर रही है।

रॉयटर्स के अनुसार, जांचकर्ता ईरान से जुड़े संभावित अभियान, रूसी तोड़फोड़ और इस्लामी चरमपंथी साजिश समेत कई पहलुओं की जांच कर रहे हैं। इनमें से किसी की सार्वजनिक पुष्टि नहीं हुई है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने भी जांच पूरी होने से पहले ईरानी संलिप्तता पर टिप्पणी को गैर-जिम्मेदाराना बताया।

और पढ़ें: पैसा नहीं आ रहा, इसलिए परेशान है ईरान, ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर साधा निशाना

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share