ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हवाई हमले, ट्रंप की धमकी के बाद हालात और तनावपूर्ण
ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हवाई हमले हुए, ट्रंप ने सख्त चेतावनी दी। बातचीत के दावे को ईरान ने खारिज किया, जबकि क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच ईरान के दो प्रमुख ऊर्जा ठिकानों पर हवाई हमले की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस्फहान में प्राकृतिक गैस ढांचे को निशाना बनाया गया, जबकि एक अन्य हमला खोर्रमशहर पावर प्लांट को गैस आपूर्ति करने वाली पाइपलाइन पर हुआ।
इन हमलों के लिए न तो इज़राइल और न ही संयुक्त राज्य अमेरिका ने आधिकारिक रूप से जिम्मेदारी ली है। हालांकि, दोनों देश अक्सर अपने सैन्य अभियानों की खुलकर पुष्टि नहीं करते हैं।
इस घटनाक्रम के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि उसने हमले नहीं रोके तो उसके बिजली संयंत्रों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की समयसीमा भी पांच दिनों के लिए बढ़ा दी है।
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ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ईरान के एक “सम्मानित” नेता के साथ बातचीत कर रहा है और ईरान युद्ध समाप्त करने के लिए समझौते को लेकर उत्सुक है। उन्होंने कहा कि संभावित समझौते के तहत अमेरिका ईरान के संवर्धित यूरेनियम को अपने नियंत्रण में ले सकता है।
हालांकि मोहम्मद बाघेर ग़ालिबाफ़ ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह “फेक न्यूज” है, जिसका मकसद वैश्विक तेल और वित्तीय बाजारों को प्रभावित करना है।
इस बीच तुर्की और मिस्र ने मध्यस्थता की कोशिशें शुरू की हैं। युद्ध के कारण अब तक 2000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी इसका गहरा असर पड़ा है।
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