ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने भारत आएंगे ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची इस सप्ताह नई दिल्ली में होने वाली ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे। पश्चिम एशिया संकट पर भी चर्चा संभव है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची इस सप्ताह भारत दौरे पर आ सकते हैं। वे नई दिल्ली में 14 और 15 मई को आयोजित होने वाली ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे। भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और इसी क्रम में यह महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है।
सैयद अब्बास अराघची का यह दौरा भारत और ईरान के बीच बढ़ते रणनीतिक और कूटनीतिक सहयोग को दर्शाता है। ईरान वर्ष 2024 में ब्रिक्स समूह में शामिल हुआ था। उसके साथ मिस्र, इथियोपिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात को भी इस संगठन में सदस्यता मिली थी।
28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-ईरान तनाव के बाद अराघची और भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा की थी। अराघची इससे पहले मई 2025 में भारत-ईरान संयुक्त आयोग की बैठक में हिस्सा लेने भारत आए थे। अगस्त 2024 में विदेश मंत्री बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा था।
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इस बीच रूस की ओर से विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेंगे। रूस के विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है।
भारत ने इस वर्ष 1 जनवरी से ब्रिक्स की अध्यक्षता ब्राजील से संभाली है। इससे पहले भारत 2012, 2016 और 2021 में भी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर चुका है।
ब्रिक्स समूह में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, ईरान, इंडोनेशिया, मिस्र, इथियोपिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। यह मंच वैश्विक आर्थिक, राजनीतिक और क्षेत्रीय मुद्दों पर सहयोग और विचार-विमर्श के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
भारत ने अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” रखी है, जो मानवता और जनकेंद्रित विकास पर आधारित दृष्टिकोण को दर्शाती है।
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