होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर ईरान की नई रणनीति, वैश्विक तेल व्यापार पर असर की आशंका
मोजतबा खामेनेई ने होर्मुज़ प्रबंधन में बदलाव का संकेत दिया। जहाजों पर शुल्क की योजना से वैश्विक तेल आपूर्ति और ऊर्जा व्यापार पर बड़ा असर पड़ सकता है।
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के प्रबंधन को “नए चरण” में ले जाने की घोषणा की है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और ऊर्जा व्यापार पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य, जो फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक संकीर्ण समुद्री मार्ग है, दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। लगभग 20 से 30 प्रतिशत वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति इसी रास्ते से गुजरती है।
ईरान संकेत दे रहा है कि वह इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रति जहाज करीब 20 लाख डॉलर तक शुल्क लगाने का प्रस्ताव सामने आया है। ईरानी संसद ने 7 अप्रैल को इस संबंध में एक प्रारूप विधेयक को मंजूरी भी दी है।
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हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा के बाद तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक बाजारों में तेजी देखी गई थी, लेकिन इसके बावजूद कई जहाज अभी भी इस मार्ग से गुजरने को लेकर सतर्क हैं। आंकड़ों के अनुसार, सैकड़ों टैंकर अब भी इस क्षेत्र में मौजूद हैं।
इस कदम से खाड़ी देशों, विशेष रूप से संयुक्त अरब अमीरात और कतर, की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि उनकी अर्थव्यवस्था इस मार्ग पर काफी निर्भर है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत किसी भी देश को एकतरफा शुल्क लगाने की अनुमति नहीं है, हालांकि कुछ सेवाओं के लिए सीमित शुल्क लिया जा सकता है।
इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह होर्मुज़ से गुजरने वाले टैंकरों पर शुल्क लगाने से बचे। उन्होंने कहा कि ऐसा करना युद्धविराम समझौते का उल्लंघन होगा।
ईरान की इस नई रणनीति से वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता और तनाव बढ़ सकता है।
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