दुनिया जटिल दौर से गुजर रही, ब्रिक्स को चुनौतियों का जवाब देना होगा: ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच ब्रिक्स से व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। पीयूष गोयल ने व्यापार, आपूर्ति श्रृंखला और कारोबारी अवसरों पर जोर दिया।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने शुक्रवार को ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में कहा कि दुनिया इस समय बेहद जटिल दौर से गुजर रही है और ब्रिक्स को मौजूदा चुनौतियों का प्रभावी जवाब देना होगा। उन्होंने सदस्य देशों के बीच संभावित सहयोग को व्यावहारिक सहयोग में बदलने की जरूरत पर जोर दिया।
नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के औपचारिक उद्घाटन से एक दिन पहले आयोजित बिजनेस फोरम में पेजेश्कियन ने कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता, आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान और राजनीतिक दबाव बनाने के लिए आर्थिक साधनों के बढ़ते इस्तेमाल ने वैश्विक आर्थिक माहौल को और जटिल बना दिया है।
उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की वास्तविक ताकत केवल सदस्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं के आकार में नहीं है, बल्कि तब सामने आती है जब इन क्षमताओं को व्यापार, निवेश और संयुक्त वित्तपोषण के नेटवर्क में बदला जाता है। उन्होंने इसे “संभावित सहयोग से व्यावहारिक सहयोग” की ओर बदलाव बताया।
ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा ने कहा कि वैश्विक परिदृश्य में बड़े बदलाव हो रहे हैं और ग्लोबल साउथ की अर्थव्यवस्थाएं लगातार मजबूत हुई हैं। उन्होंने बताया कि 1960 के दशक से अब तक निम्न और मध्यम आय वाले देशों की वैश्विक जीडीपी में हिस्सेदारी 20 प्रतिशत से बढ़कर 50 प्रतिशत से अधिक हो गई है। ब्रिक्स देश आज दुनिया के आर्थिक उत्पादन में करीब 40 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं।
भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि ब्रिक्स देशों का दुनिया को होने वाला वस्तु निर्यात 2003 में करीब 900 अरब डॉलर से बढ़कर 2024 में लगभग 6 ट्रिलियन डॉलर हो गया। वैश्विक निर्यात में समूह की हिस्सेदारी भी करीब 12 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 24 प्रतिशत हो गई है।
गोयल ने कहा कि अब लक्ष्य इस आर्थिक गति को मजबूत अंतर-ब्रिक्स व्यापार, अधिक लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं और कारोबार के लिए नए अवसरों में बदलना है। फोरम में 2,000 से अधिक कारोबारी नेता और प्रतिनिधि शामिल हुए। चर्चा में गैर-टैरिफ बाधाएं, कृषि, सेवाओं, महिला उद्यमिता और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दे शामिल रहे।