होरमुज़ जलडमरूमध्य में दो तेल टैंकरों में टक्कर, ईरान का दावा- सुरंगों से हुआ विस्फोट
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने कहा कि होरमुज़ जलडमरूमध्य में दो कच्चे तेल टैंकरों में मशीनों (सुरंगों) से टकराने के बाद आग लग गई, क्योंकि जहाज़ों ने बिना अनुमति वाले मार्ग का इस्तेमाल किया।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने बताया है कि होरमुज़ जलडमरूमध्य में दो कच्चे तेल टैंकरों में आग लग गई है। IRGC के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब दोनों जहाज़ सुरंगों (mines) से टकरा गए।
IRGC ने बताया कि प्रत्येक टैंकर में लगभग दो मिलियन बैरल कच्चा तेल लदा हुआ था। संगठन के मुताबिक, दोनों जहाज़ों ने एक ऐसे मार्ग का इस्तेमाल किया जिसके लिए उन्हें अनुमति नहीं दी गई थी, यानी यह एक अनधिकृत (unauthorised) रूट था।
होरमुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस जलमार्ग से ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान सहित कई देशों की सीमाएं लगती हैं, और यह फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है।
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घटना के बाद से इस क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं, क्योंकि होरमुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाज़ों की सुरक्षा वैश्विक ऊर्जा बाज़ार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। IRGC के बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि टैंकरों के मालिक कौन हैं या वे किस देश के झंडे के तहत संचालित हो रहे थे।
इस तरह की घटनाएं होरमुज़ जलडमरूमध्य में पहले भी सामने आ चुकी हैं, जहां तनाव के दौरान जहाज़ों पर हमलों या दुर्घटनाओं की खबरें आती रही हैं। इस जलमार्ग की रणनीतिक अहमियत को देखते हुए, इस घटना पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नज़र रखी जा रही है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सुरंगों (mines) को किसने बिछाया था या आग लगने की घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी है या नहीं। IRGC की ओर से अभी इस संबंध में और विस्तृत जानकारी का इंतज़ार किया जा रहा है। क्षेत्र में मौजूद अन्य देशों और समुद्री सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया का भी इंतज़ार है।
इस घटना ने एक बार फिर होरमुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाज़ों की सुरक्षा और वहां लागू नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अनधिकृत मार्गों के इस्तेमाल से इस तरह की दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है, खासकर ऐसे संवेदनशील और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र में।
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