ईरान के परमाणु केंद्र पर फिर हमला? इज़राइल ने तेहरान के तालेघान परिसर पर एयरस्ट्राइक का दावा किया
इज़राइल ने तेहरान के तालेघान परमाणु परिसर पर हवाई हमला करने का दावा किया है। ईरान-इज़राइल संघर्ष के बीच वैश्विक तेल कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच इज़राइल ने दावा किया है कि उसने ईरान के एक और परमाणु-संबंधित केंद्र पर हवाई हमला किया है। इज़राइल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) के अनुसार, तेहरान के पास स्थित तालेघान परिसर पर हाल के दिनों में कई चरणों में एयरफोर्स द्वारा हमले किए गए।
आईडीएफ का कहना है कि यह परिसर ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम से जुड़ा हुआ है और यहां परमाणु हथियारों के विकास के लिए जरूरी महत्वपूर्ण तकनीकी क्षमताओं पर काम किया जा रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान इस स्थान का इस्तेमाल उन्नत विस्फोटकों के विकास और संवेदनशील प्रयोगों के लिए कर रहा था। इज़राइल का दावा है कि यह गतिविधियां कथित एएमएडी प्रोजेक्ट के तहत चल रही थीं, जिसे वह ईरान का गुप्त परमाणु हथियार कार्यक्रम मानता है।
बताया गया कि अक्टूबर 2024 में भी इज़राइल ने इसी तालेघान परिसर पर हमला किया था। उस समय यह कार्रवाई ईरान द्वारा मिसाइल हमले के जवाब में की गई थी। हाल ही में इज़राइली सेना ने संकेत पाए थे कि ईरान इस परिसर को फिर से सक्रिय करने की कोशिश कर रहा है, जिसके बाद यह नया हमला किया गया।
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इधर, ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। ईरान द्वारा जहाजरानी मार्गों और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाए जाने के बाद वैश्विक तेल कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं। फारस की खाड़ी क्षेत्र में कई स्थानों पर हमलों और ड्रोन हमलों की खबरें भी सामने आई हैं।
इज़राइल ने कहा है कि उसने तेहरान और लेबनान में ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह ठिकानों पर भी बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक “काम पूरा नहीं हो जाता।”
इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजे़श्कियन ने कहा कि युद्ध समाप्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ईरान के वैध अधिकारों को मान्यता देनी होगी और भविष्य के हमलों के खिलाफ ठोस गारंटी देनी होगी।
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