इजरायल की मदद से अमेरिका ने ईरान से F-15 क्रू को बचाया, IDF और खुफिया एजेंसियों का अहम योगदान
इजरायल की IDF और खुफिया एजेंसियों ने अमेरिकी F-15 क्रू को ईरान से बचाने में अहम भूमिका निभाई, जबकि राष्ट्रपति ट्रंप और नेतन्याहू ने इस सफलता पर बधाई दी।
पिछले सप्ताह ईरानी क्षेत्र में अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल विमान को मार गिराए जाने के बाद अमेरिका ने रविवार को विमान के क्रू के दूसरे सदस्य को सुरक्षित बचाया। यह मिशन बेहद सावधानीपूर्वक योजनाबद्ध था, जिसमें सीआईए द्वारा “धोखाधड़ी अभियान” भी शामिल था। अब खुलासा हुआ है कि इजरायल ने इस साहसिक बचाव अभियान में अमेरिकी सेना का समर्थन किया।
इजरायली मदद और रणनीति
रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने अमेरिकी सेना के साथ मिलकर ईरानी लक्ष्यों पर हवाई हमले किए। इन हमलों का उद्देश्य ईरानियों को क्रैश साइट और अन्य क्षेत्रों से दूर रखना था ताकि अमेरिकी क्रू को सुरक्षित बचाया जा सके। इजरायली खुफिया एजेंसियों ने भी इस ऑपरेशन में निर्णायक भूमिका निभाई।
स्पेशल फोर्सेस का योगदान
ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली स्पेशल फोर्सेस यूनिट्स – सायरेट मतकल और शालडैग – ने अमेरिकी सेना के साथ मिलकर क्षेत्र में ईरानी खतरों को नाकाम किया। सायरेट मतकल का मुख्य काम गहरी घुसपैठ और बंधक बचाव ऑपरेशन है, जबकि शालडैग एयर फोर्स की क्लैंडेस्टाइन ऑपरेशन और कॉम्बैट सर्च एंड रेस्क्यू में विशेषज्ञ यूनिट है।
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नेटन्याहू ने ट्रंप को बधाई दी
इजरायल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अभियान की सफलता पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका की “साहसिक और सही योजना” ने अमेरिकी क्रू को बचाने में मदद की।
मिशन का विवरण
घटना शुक्रवार को हुई थी। अमेरिकी पायलट को दुर्घटना के कई घंटों बाद बचा लिया गया था, लेकिन हथियार प्रणाली अधिकारी (WSO) लगभग 48 घंटे ईरानियों से बचता रहा। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि WSO एक कर्नल रैंक अधिकारी हैं और घायल हैं, लेकिन शीघ्र स्वस्थ हो जाएंगे।
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