आईटीबीपी ने पांगोंग त्सो में मनाया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों ने लिया हिस्सा
आईटीबीपी ने पांगोंग त्सो में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया। सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों ने योग किया, जिससे शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य और सामुदायिक जुड़ाव को बढ़ावा मिला।
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर पूर्वी लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पांगोंग त्सो में भव्य योग सत्र का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ-साथ स्थानीय लोगों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सुंदर और ऊंचाई पर स्थित पांगोंग त्सो की पृष्ठभूमि में आयोजित इस योग सत्र ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक और ऊर्जा से भर दिया। जवानों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया और योग के शारीरिक व मानसिक लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाई।
आईटीबीपी के अधिकारियों ने बताया कि ऐसे कार्यक्रम न केवल जवानों के शारीरिक स्वास्थ्य को मजबूत करते हैं, बल्कि मानसिक तनाव को कम करने में भी सहायक होते हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में तैनात सुरक्षा बलों के लिए योग एक महत्वपूर्ण साधन बनकर उभर रहा है।
कार्यक्रम में स्थानीय निवासियों की भागीदारी ने भी इसे विशेष बना दिया। लोगों ने सुरक्षा बलों के साथ मिलकर योग किया और इसे अपने दैनिक जीवन में अपनाने की प्रतिबद्धता जताई। अधिकारियों ने कहा कि योग भारत की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है, जो अब वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य और संतुलन का प्रतीक बन चुका है।
आईटीबीपी ने यह भी कहा कि सीमा क्षेत्रों में इस तरह के आयोजन सामुदायिक जुड़ाव को मजबूत करते हैं और सकारात्मक वातावरण का निर्माण करते हैं। पांगोंग त्सो जैसे संवेदनशील और रणनीतिक क्षेत्र में योग का आयोजन शांति और सद्भाव का संदेश देता है।
इस अवसर पर जवानों ने संकल्प लिया कि वे योग को नियमित अभ्यास का हिस्सा बनाएंगे ताकि अपनी सेवा के दौरान बेहतर शारीरिक और मानसिक स्थिति में रह सकें।