जयपुर नगर निगम चुनाव: 8 मुस्लिम उम्मीदवारों के जरिए कांग्रेस के गढ़ में सामाजिक समीकरण बदलने की बीजेपी की रणनीति
जयपुर नगर निगम चुनाव में बीजेपी ने 150 वार्डों में आठ मुस्लिम उम्मीदवार उतारकर कांग्रेस के प्रभाव वाले इलाकों में सामाजिक और राजनीतिक समीकरण बदलने की रणनीति अपनाई है।
राजस्थान की राजधानी जयपुर में नगर निगम चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति में सामाजिक प्रतिनिधित्व पर खास जोर दिया है। पार्टी ने 150 वार्डों में आठ मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। इनमें मुस्लिम बहुल और कांग्रेस के प्रभाव वाले इलाके भी शामिल हैं। बीजेपी के इस कदम को स्थानीय स्तर पर नए सामाजिक और चुनावी समीकरण बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
बीजेपी ने वार्ड 19 से शाहनवाज अंसारी, वार्ड 109 से जाकिर खान कायमखानी, वार्ड 113 से फरीदुद्दीन ‘जैकी’, वार्ड 117 से शब्बो जहां, वार्ड 128 से माजिद पठान, वार्ड 136 से मिजाना मिर्जा, वार्ड 137 से रहीस मंसूरी और वार्ड 146 से अफसाना को उम्मीदवार बनाया है। सभी आठ उम्मीदवार मंगलवार को नामांकन दाखिल करेंगे।
एकीकृत जयपुर नगर निगम का चुनाव 11 सितंबर 2026 को राजस्थान के शहरी स्थानीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण में होगा।
इनमें वार्ड 19 का मुकाबला खास माना जा रहा है। यह सामान्य सीट है, फिर भी बीजेपी ने यहां मुस्लिम उम्मीदवार शाहनवाज अंसारी पर भरोसा जताया है। पार्टी का उद्देश्य स्थानीय जनसांख्यिकी और राजनीतिक परिस्थितियों के आधार पर कांग्रेस के प्रभाव वाले इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत करना है।
बीजेपी ने महिला उम्मीदवारों को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया है। पार्टी ने करीब 35 प्रतिशत टिकट महिलाओं को दिए हैं। इनमें बीजेपी महिला मोर्चा से जुड़ी और लंबे समय से संगठन में सक्रिय कई महिला कार्यकर्ता शामिल हैं।
वार्ड 47 से दीपा नाथावत, वार्ड 56 से रेखा सैनी, वार्ड 107 से अनुराधा माहेश्वरी और वार्ड 123 से पूनम मेहता प्रमुख महिला उम्मीदवारों में शामिल हैं। पूर्व जयपुर महापौर ज्योति खंडेलवाल को वार्ड 110 से बीजेपी ने टिकट दिया है। खंडेलवाल लंबे समय तक कांग्रेस में सक्रिय रही हैं।
वहीं, कांग्रेस ने टिकट वितरण में अपने संगठनात्मक ढांचे और मौजूदा पार्षदों व पदाधिकारियों को प्राथमिकता दी है। अब चुनाव परिणाम बताएंगे कि बीजेपी की सामाजिक प्रतिनिधित्व और स्थानीय समीकरणों पर आधारित रणनीति कांग्रेस के प्रभाव वाले क्षेत्रों में कितनी कामयाब होती है।