जयशंकर-रुबियो ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का किया स्वागत, ऊर्जा, परमाणु और अहम खनिजों पर बढ़ेगा सहयोग
भारत-अमेरिका ने नए व्यापार समझौते का स्वागत करते हुए ऊर्जा, रक्षा और अहम खनिजों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई, जिससे आर्थिक अवसर और रणनीतिक साझेदारी मजबूत होगी।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से वाशिंगटन डीसी में मुलाकात की, जहां दोनों नेताओं ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का स्वागत किया। इस बैठक में ऊर्जा, परमाणु, रक्षा, तकनीक और अहम खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को औपचारिक रूप देने पर चर्चा हुई।
यह द्विपक्षीय बैठक अमेरिकी विदेश मंत्रालय में हुई, जो अमेरिका द्वारा आयोजित होने जा रही पहली ‘क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल’ बैठक से पहले संपन्न हुई। जयशंकर ने कहा अमेरिकी विदेश मंत्री से व्यापक बातचीत हुई, जिसमें द्विपक्षीय सहयोग, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के तहत व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, परमाणु सहयोग, रक्षा, अहम खनिजों और प्रौद्योगिकी जैसे विषयों पर सहमति बनी। दोनों पक्षों ने साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न तंत्रों की जल्द बैठकें आयोजित करने पर भी सहमति जताई।
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अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, जयशंकर और रुबियो ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों लोकतांत्रिक देशों को मिलकर काम करना चाहिए, ताकि नए आर्थिक अवसर खोले जा सकें और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया जा सके। इसके साथ ही अहम खनिजों की खोज, खनन और प्रसंस्करण में सहयोग को औपचारिक रूप देने पर भी चर्चा हुई।
बैठक के अंत में दोनों नेताओं ने क्वाड (भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया) के माध्यम से द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि समृद्ध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र साझा हितों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
यह बैठक ऐसे समय हुई जब राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका भारत पर लगने वाला पारस्परिक टैरिफ 25% से घटाकर 18% करेगा। जयशंकर 2 से 4 फरवरी तक अमेरिका दौरे पर हैं और क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल में भी भाग लेंगे।
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