×
 

ईरान के विदेश मंत्री अराघची से जयशंकर की बातचीत, जहाजों पर हमले रोकने की अपील

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बातचीत कर क्षेत्रीय तनाव पर चिंता जताई और वाणिज्यिक जहाजों व नाविकों को निशाना नहीं बनाने की अपील की।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर भारत की गंभीर चिंता व्यक्त की। जयशंकर ने इस दौरान सभी पक्षों से अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में वाणिज्यिक जहाजों और समुद्री नाविकों को निशाना न बनाएं।

जयशंकर ने कहा कि उन्होंने ईरानी विदेश मंत्री अराघची से बातचीत के दौरान क्षेत्र में जारी संघर्ष को लेकर भारत की चिंताओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि भारत किसी भी पक्ष द्वारा वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा करता है।

विदेश मंत्री ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है और समुद्री यातायात को किसी भी संघर्ष का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और जहाजों को निशाना बनाने से बचने की अपील की।

और पढ़ें: कुमामोतो भूकंप के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जताई एकजुटता, जापान को हरसंभव समर्थन का भरोसा

जयशंकर ने बताया कि बातचीत के दौरान अब्बास अराघची ने उन्हें ईरान के आकलन और मौजूदा हालात को लेकर चल रहे कूटनीतिक प्रयासों की जानकारी दी। भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि वह किसी भी संकट के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति को सबसे बेहतर रास्ता मानता है।

खाड़ी क्षेत्र में भारतीयों की मौत और घायल होने के मामले

सरकार के अनुसार, पश्चिम एशिया में फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के बाद अब तक 16 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है, जिनमें 10 समुद्री नाविक शामिल हैं। वहीं, 75 अन्य भारतीय घायल हुए हैं।

मृतकों में सऊदी अरब में एक, कुवैत में दो, ओमान में आठ, इराक में एक और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में चार भारतीय नागरिक शामिल हैं। घायलों में यूएई के 32, ओमान के 24, कुवैत के 13, कतर के चार तथा सऊदी अरब और इजरायल के एक-एक नागरिक शामिल हैं।

इससे पहले गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक की अध्यक्षता की थी। बैठक में संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय और विदेशी झंडे वाले जहाजों पर तैनात नाविकों की सुरक्षा की समीक्षा की गई।

प्रधानमंत्री ने संबंधित मंत्रालयों को निर्देश दिया कि नाविकों और उनके परिवारों को समय पर जानकारी, आपात सहायता और परामर्श उपलब्ध कराने के लिए एक विशेष व्यवस्था तैयार की जाए।

और पढ़ें: वैश्विक व्यापार कानूनों में समावेशिता जरूरी: यूएनसीआईटीआरएएल सम्मेलन में बोले विदेश मंत्री एस. जयशंकर

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share