जालंधर: पार्क प्लाजा ध्वस्तीकरण के विरोध पर भाजपा नेताओं को जमानत
जालंधर में पार्क प्लाजा ध्वस्तीकरण के विरोध में गिरफ्तार भाजपा नेताओं को सत्र न्यायालय ने जमानत दी। नेताओं ने प्रशासन पर शक्ति दुरुपयोग का आरोप लगाया।
जालंधर के एक सत्र न्यायालय ने बुधवार को कई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं को जमानत दे दी, जिन्हें मंगलवार शाम पार्क प्लाजा ध्वस्तीकरण के विरोध में आयोजित प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया था। अदालत में लगभग तीन घंटे की सुनवाई के बाद नेताओं को व्यक्तिगत जमानत पर रिहा किया गया।
पूर्व सांसद सुशील कुमार रिंकू, वरिष्ठ नेता मनोरंजन कालिया और पूर्व विधायक शीतल अंगुराल सहित लगभग 30 नेताओं को अदालत में पेश किया गया। भाजपा नेताओं के वकील, मनीदीप सिंह सचदेवा ने अदालत में तर्क दिया कि गिरफ्तारियाँ अवैध थीं और प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
जमानत मिलने के बाद भाजपा नेताओं ने प्रशासन पर शक्ति के दुरुपयोग का आरोप लगाया। शीतल अंगुराल ने कहा, “आज सत्य की जीत हुई। अदालत ने न्याय किया।”
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भाजपा नेताओं के अनुसार, उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और उनका उद्देश्य केवल पार्क प्लाजा के ध्वस्तीकरण के फैसले के खिलाफ अपनी आवाज उठाना था। नेताओं ने कहा कि उन्हें बिना उचित कारण हिरासत में लिया गया और उन्हें सरकारी दमन का सामना करना पड़ा।
इस मामले में जमानत मिलने से राजनीतिक हलकों में हलचल मची है। विपक्षी दलों और स्थानीय प्रशासन पर जनता की निगाहें टिक गई हैं, क्योंकि ये घटनाएँ नागरिक अधिकारों और प्रशासनिक कार्रवाई के संतुलन पर सवाल उठाती हैं।
भाजपा नेताओं ने आगे कहा कि वे न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करेंगे और भविष्य में भी शांतिपूर्ण विरोध के माध्यम से अपनी आवाज़ उठाते रहेंगे। इस मामले की अगली सुनवाई में आरोप और घटनाओं की विस्तृत जांच की संभावना है।