जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी सामग्री वाले किताबों के मामले में 8 शिक्षा अधिकारी निलंबित, जांच के आदेश
जम्मू-कश्मीर में स्कूलों की लाइब्रेरी के लिए खरीदी गई पुस्तकों में अलगाववादी सामग्री मिलने पर आठ शिक्षा अधिकारी निलंबित किए गए। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जांच के आदेश दिए।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा के आदेश पर शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी स्कूलों से जुड़े एक मामले में आठ शिक्षा अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही एक संविदा कर्मचारी की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं।
यह कार्रवाई उस समय की गई जब सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी के लिए खरीदी गई दो पुस्तकों में कथित रूप से अलगाववादी (सेपरेटिस्ट) विचारधारा से जुड़ी सामग्री पाए जाने की पुष्टि हुई। मामले के सामने आने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए।
शिक्षा विभाग ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि पुस्तकों के चयन और खरीद प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन ठीक से नहीं किया गया। इसी आधार पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने बिना उचित समीक्षा के ऐसी पुस्तकों को स्कूल लाइब्रेरी में शामिल करने की अनुमति दी, जिनमें आपत्तिजनक सामग्री पाई गई।
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में किसी भी प्रकार की ऐसी सामग्री स्वीकार्य नहीं होगी, जो विद्यार्थियों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सके या सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाए। उन्होंने मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच के आदेश भी दिए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह चूक कैसे हुई और इसके पीछे कौन-कौन जिम्मेदार हैं।
शिक्षा विभाग ने भी आश्वस्त किया है कि भविष्य में पुस्तक चयन प्रक्रिया को और अधिक सख्त और पारदर्शी बनाया जाएगा। सभी शैक्षणिक संस्थानों को निर्देश जारी किए जा रहे हैं कि किसी भी पुस्तक को शामिल करने से पहले उसकी पूरी तरह से जांच और समीक्षा अनिवार्य होगी।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।
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