2025 में जम्मू-कश्मीर सरकार से जुड़ी 7,900 से अधिक जन शिकायतें मिलीं: राज्यसभा में केंद्र की जानकारी
केंद्र सरकार ने राज्यसभा में बताया कि 2025 में जम्मू-कश्मीर सरकार से जुड़ी 7,936 जन शिकायतें सीपीजीआरएएमएस पोर्टल पर दर्ज हुईं।
केंद्र सरकार ने गुरुवार को राज्यसभा में जानकारी दी कि वर्ष 2025 के दौरान जम्मू-कश्मीर सरकार से संबंधित 7,900 से अधिक जन शिकायतें प्राप्त हुईं। ये शिकायतें ऑनलाइन सेंट्रलाइज्ड पब्लिक ग्रीवेंस रिड्रेस एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (सीपीजीआरएएमएस) के माध्यम से दर्ज की गई थीं।
केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि इन शिकायतों को संबंधित कार्रवाई के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार को भेजा गया। उन्होंने कहा कि जनता अपनी समस्याओं और शिकायतों को दर्ज कराने के लिए इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का व्यापक रूप से उपयोग कर रही है।
सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष कुल 7,936 नई शिकायतें दर्ज की गईं। इसमें पहले से लंबित 7,340 शिकायतों को शामिल नहीं किया गया है। कुल प्राप्त शिकायतों में से 5,598 शिकायतें अभी लंबित हैं, जबकि 9,678 शिकायतों का निपटारा कर दिया गया है।
सीपीजीआरएएमएस केंद्र सरकार का एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन मंच है, जिसके जरिए आम नागरिक अपनी समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंचा सकते हैं। इस प्रणाली का उद्देश्य शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी समाधान को सुनिश्चित करना है।
केंद्र सरकार का कहना है कि इस पोर्टल के जरिए सरकारी विभागों की जवाबदेही बढ़ी है और नागरिकों को अपनी समस्याएं दर्ज कराने में आसानी हुई है। साथ ही, विभिन्न मंत्रालय और राज्य सरकारें नियमित रूप से इन शिकायतों की समीक्षा कर रही हैं, ताकि उनका जल्द समाधान किया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए शिकायत दर्ज कराने की सुविधा से प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ी है और लोगों को अपनी समस्याएं सरकार तक पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम मिला है।
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