×
 
☰

जंतर-मंतर अब प्रदर्शन स्थल नहीं, दिल्ली पुलिस ने तीन वैकल्पिक जगहों की घोषणा की

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटाकर रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान को विकल्प बनाया। इस फैसले को लेकर अदालत में भी सुनवाई होगी।

जंतर-मंतर की जगह अब कहां होंगे प्रदर्शन?

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर को अब निर्धारित प्रदर्शन स्थल नहीं माना जाएगा। दिल्ली पुलिस ने सोमवार को इसकी आधिकारिक सूचना जारी करते हुए विरोध प्रदर्शन और धरना आयोजित करने के लिए तीन वैकल्पिक स्थानों की घोषणा की है। इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का सीबीडी मैदान शामिल हैं।

11 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश पर दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने हस्ताक्षर किए। आदेश के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नागरिकों के प्रदर्शन और विरोध के अधिकार को ध्यान में रखते हुए जंतर-मंतर के स्थान पर उपयुक्त वैकल्पिक स्थलों की पहचान करने के लिए एक समिति गठित की थी।

और पढ़ें: दिल्ली में जंतर-मंतर पर विपक्ष का प्रदर्शन नहीं पकड़ पाया जोर, भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच कई प्रदर्शनकारी हिरासत में

दिल्ली पुलिस ने कहा है कि इन तीनों स्थानों पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए विस्तृत और संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अलग से जारी की जाएगी। यह आदेश 28 अप्रैल 2022 को जारी पुराने स्थायी आदेश में आंशिक संशोधन करता है।

राजनीतिक प्रदर्शनों के बीच आया फैसला

यह फैसला ऐसे समय आया है, जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने पिछले सप्ताह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। पार्टी ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध जताने की योजना बनाई थी। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

भारतीय युवा कांग्रेस ने भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी। अनुमति नहीं मिलने के बाद संगठन ने दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने एक अक्टूबर को दिल्ली पुलिस की ओर से भेजे गए संदेश को चुनौती दी है। अदालत ने पुलिस को याचिका पर जवाब देने के लिए 13 अक्टूबर तक का समय दिया है।

दिल्ली उच्च न्यायालय में भी सुनवाई

जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होनी थी। सोमवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव सांब्रे और न्यायमूर्ति संजय शर्मा की पीठ के समक्ष मामला उठाया गया। याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि वैकल्पिक स्थल तय किए बिना शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को रोका जा रहा है।

पीठ ने कहा कि प्रदर्शन स्थल का मुद्दा उच्चतम न्यायालय में भी विचाराधीन है।

और पढ़ें: सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान आकाशवाणी भवन के पास पथराव, दो पुलिसकर्मी घायल; कनॉट प्लेस में 50 से अधिक हिरासत में

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share