जापान में भूकंप के बाद मॉल में विस्फोट, दो महिलाओं की मौत; राहत और बचाव अभियान तेज
जापान के कुमामोतो में 7.1 तीव्रता के भूकंप के बाद मॉल में विस्फोट से दो महिलाओं की मौत हुई। राहत अभियान तेज है और हजारों सुरक्षाकर्मी प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं।
जापान के कुमामोतो प्रांत में आए 7.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के कुछ घंटों बाद काशिमा कस्बे स्थित एऑन मॉल कुमामोतो में हुए भीषण विस्फोट ने राहत और बचाव कार्यों को और चुनौतीपूर्ण बना दिया। इस हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक अन्य महिला अचेत अवस्था में मिली। अधिकारियों के अनुसार, मॉल परिसर में पहले 10 लोगों के लापता होने की सूचना भी मिली थी।
समाचार एजेंसी के अनुसार, सरकारी सूत्रों को आशंका है कि गैस रिसाव के कारण यह विस्फोट हुआ। मॉल संचालक एऑन कंपनी ने बताया कि विस्फोट उस समय हुआ, जब अधिकांश ग्राहक और कर्मचारी परिसर से बाहर निकल चुके थे। प्रांतीय पुलिस के मुताबिक लगभग 200 लोगों को पहले ही सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था।
हालांकि, अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया कि विस्फोट के कारण इमारत की दूसरी मंजिल ढह गई, जिससे मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका बढ़ गई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शुरुआती भूकंप के बाद कुछ लोग दोबारा मॉल के अंदर चले गए थे। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि विस्फोट से करीब 30 मिनट पहले भवन खाली होने की पुष्टि की गई थी।
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विस्फोट के कारण इमारत की छत और दीवारें ढह गईं तथा स्टील का ढांचा बाहर दिखाई देने लगा। पूरे परिसर में मलबा फैल गया। पास के एक हेयर सैलून के मालिक ने बताया कि उन्होंने किसी भारी वाहन की टक्कर जैसी तेज आवाज सुनी, जिसके बाद सफेद धुएं का बड़ा गुबार उठता दिखाई दिया।
इस बीच, रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के लिए लगभग 3,600 सेल्फ-डिफेंस फोर्स के जवान तैनात किए गए हैं। वहीं, क्यूशू रेलवे कंपनी ने सुरक्षा जांच के लिए क्यूशू शिंकानसेन की सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं।
भूकंप के बाद प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने आपातकालीन आपदा प्रतिकार मुख्यालय का गठन किया है। उन्होंने रातभर राहत अभियान जारी रखने और प्रभावित लोगों तक भोजन, पेयजल तथा आवश्यक सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कुमामोतो के राज्यपाल किमुरा से भी स्थिति की जानकारी लेकर केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। भूकंप के कारण कई इमारतें ढह गईं, सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं, आग लगने की घटनाएं हुईं और कई लोग हताहत हुए। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।
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