जापान नॉर्थईस्ट इंडिया को बंगाल की खाड़ी से जोड़ेगा: उप विदेश मंत्री होरी इवाओ
जापान नॉर्थईस्ट इंडिया को बंगाल की खाड़ी और भारतीय महासागर से जोड़ने के लिए कनेक्टिविटी योजनाओं का समर्थन करेगा, ताकि यह क्षेत्र आर्थिक विकास का इंजन बने।
जापान नॉर्थईस्ट इंडिया को बंगाल की खाड़ी और भारतीय महासागर से जोड़ने के लिए कनेक्टिविटी योजनाओं का समर्थन करेगा। यह बयान जापान के उप विदेश मंत्री होरी इवाओ ने 27 फरवरी, 2026 को शिलांग, मेघालय में एक विदेश नीति सम्मेलन में दिया।
इस दौरान होरी इवाओ ने कहा कि नॉर्थईस्ट इंडिया का भौगोलिक स्थान काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दक्षिण-पूर्व एशिया का गेटवे है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर नॉर्थईस्ट के राज्यों को एक व्यापक कनेक्टिविटी ग्रिड से जोड़ा जाता है, जिसमें दक्षिण-पूर्व एशिया, बांग्लादेश और नेपाल शामिल हों, तो यह क्षेत्र विकास के लिए एक शक्तिशाली इंजन साबित हो सकता है।
होरी इवाओ के अनुसार, यह कनेक्टिविटी योजनाएं न केवल भारत और जापान के बीच संबंधों को मजबूत करेंगी, बल्कि नॉर्थईस्ट इंडिया के विकास को भी तेज करेंगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जापान भारत के साथ अपनी साझेदारी को और गहरा करने के लिए तैयार है और इस तरह की योजनाओं के माध्यम से दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को बढ़ावा मिलेगा।
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यह परियोजना नॉर्थईस्ट इंडिया के लिए एक नया अवसर प्रदान कर सकती है, जिससे यह क्षेत्र व्यापार, परिवहन और अन्य उद्योगों में तेजी से विकास कर सकेगा। जापान के समर्थन से इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी में वृद्धि होगी, जो भारतीय महासागर और बंगाल की खाड़ी के रास्ते वैश्विक व्यापार नेटवर्क से जुड़ने में मदद करेगी।
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