जेडी वेंस ने पाकिस्तान पर साधा निशाना, कहा- प्रेस की आजादी की कमी से अमेरिका-ईरान समझौते के दस्तावेज में हुई देरी
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अमेरिका-ईरान समझौते के दस्तावेज में देरी के लिए पाकिस्तान में प्रेस स्वतंत्रता की कमी को जिम्मेदार ठहराया। बयान के बाद पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठे।
अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते को लेकर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने समझौते के मसौदे (MoU) को सार्वजनिक करने में हुई देरी का कारण पाकिस्तान में प्रेस की स्वतंत्रता की कमी को बताया है। वेंस के इस बयान ने पाकिस्तान की लोकतांत्रिक व्यवस्था और अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका समझौते का पूरा दस्तावेज जल्द से जल्द सार्वजनिक करना चाहता था ताकि लोग इसकी शर्तों को समझ सकें और उस पर खुली चर्चा हो सके। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और कतर की राजनीतिक व्यवस्था में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रेस फ्रीडम को उतना महत्व नहीं दिया जाता, जितना अमेरिका में दिया जाता है। इसी वजह से दस्तावेज को सार्वजनिक करने को लेकर दोनों पक्षों की अपेक्षाओं में अंतर देखने को मिला।
वेंस के अनुसार, किसी भी महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समझौते का पूरा पाठ जनता के सामने होना चाहिए ताकि नागरिक, विशेषज्ञ और मीडिया उसका विश्लेषण कर सकें। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक समाज में पारदर्शिता बेहद आवश्यक है।
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गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 15 जून 2026 को अमेरिका-ईरान अंतरिम शांति समझौते की घोषणा की थी, लेकिन समझौते का पूरा दस्तावेज दो दिन बाद सार्वजनिक किया गया। इस देरी को लेकर अमेरिकी राजनीतिक हलकों में सवाल उठे थे और कई विशेषज्ञों ने इसके कारणों पर चर्चा की थी।
इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दावा किया था कि 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह होगा। हालांकि बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने डिजिटल माध्यम से ही समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए। इसके बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी स्पष्ट किया कि स्विट्जरलैंड में कोई औपचारिक कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा।
इस घटनाक्रम के बाद पाकिस्तान की भूमिका और उसके दावों पर भी सवाल उठने लगे हैं।