जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन देने से पहले किसानों का इनकार, सीएम योगी ने साझा किया मनाने का किस्सा
जेवर एयरपोर्ट शुरू होने पर 172 किसानों को लखनऊ ले जाया गया, जहां सीएम योगी ने उनसे मुलाकात कर जमीन देने से जुड़ा पुराना किस्सा साझा किया और योगदान की सराहना की।
उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित जेवर एयरपोर्ट से सोमवार को व्यावसायिक उड़ानों की शुरुआत हो गई, जिसे राज्य के विकास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। इस मौके पर एक भावनात्मक दृश्य भी देखने को मिला, जब एयरपोर्ट के लिए अपनी जमीन देने वाले 172 किसानों को विशेष रूप से लखनऊ ले जाया गया और उनकी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कराई गई।
पहली कमर्शियल उड़ान इंडिगो एयरलाइंस की सुबह 7 बजकर 58 मिनट पर लखनऊ से जेवर एयरपोर्ट पहुंची, जहां विमान का वाटर कैनन से भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद सुबह 8 बजकर 19 मिनट पर जेवर एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए वापसी उड़ान भरी गई, जिसमें वही किसान सवार थे जिन्होंने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए अपनी भूमि दी थी।
जेवर से भाजपा विधायक धीरेंद्र सिंह इन किसानों को लेकर लखनऊ पहुंचे, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कराई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों से बातचीत करते हुए पुराने दिनों को याद किया और बताया कि शुरुआत में कई किसानों ने एयरपोर्ट परियोजना के लिए जमीन देने से साफ इनकार कर दिया था।
सीएम योगी ने बताया कि किस तरह लगातार संवाद, भरोसा और विकास की संभावनाओं को समझाकर किसानों को इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए राजी किया गया। उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के भविष्य का द्वार है, जो रोजगार, निवेश और आर्थिक विकास के नए अवसर खोलेगा।
मुख्यमंत्री ने किसानों के योगदान को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि उनकी भागीदारी के बिना यह सपना पूरा नहीं हो सकता था। किसानों ने भी इस अवसर पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि उनकी जमीन पर बना यह एयरपोर्ट देश के विकास में योगदान देगा।