झारखंड जेपीएससी मुख्य परीक्षा अनियमितताओं के आरोपों के बाद स्थगित, सीआईडी ने अधिकारी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया
झारखंड लोक सेवा आयोग ने कथित अनियमितताओं के चलते संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 2025 स्थगित कर दी। सीआईडी ने जेपीएससी अधिकारी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) ने संयुक्त राज्य सिविल सेवा मुख्य (लिखित) प्रतियोगिता परीक्षा 2025 को कथित अनियमितताओं के आरोपों के बाद अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। आयोग ने यह फैसला परीक्षा शुरू होने से कुछ दिन पहले 22 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक सूचना के माध्यम से लिया।
जेपीएससी की ओर से जारी नोटिस में कहा गया कि संयुक्त राज्य/उच्चतर अधीनस्थ सेवा मुख्य (लिखित) परीक्षा-2025 (विज्ञापन संख्या 01/2026), जो पहले 25 जुलाई से 27 जुलाई 2026 तक आयोजित होने वाली थी, अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण अगले आदेश तक स्थगित की जाती है।
यह परीक्षा रांची जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर दो चरणों में आयोजित की जानी थी। आयोग ने अपने वर्ष 2026 के परीक्षा कैलेंडर में प्रस्तावित अन्य लंबित परीक्षाओं को भी फिलहाल टाल दिया है।
इस बीच, कथित परीक्षा अनियमितताओं की जांच कर रही झारखंड सीआईडी ने जेपीएससी के एक वरिष्ठ अधिकारी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में श्वेता कुमारी गुप्ता, जो जेपीएससी में उप परीक्षा नियंत्रक के पद पर थीं, और रामवीर सिंह, जो टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं, शामिल हैं। अन्य तीन आरोपियों की पहचान सीआईडी ने सार्वजनिक नहीं की है।
सीआईडी के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और झारखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम और निवारण) अधिनियम, 2023 के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी पांच आरोपियों को बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ताओं ने कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन तेज कर दिया है।
भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने कहा कि जेपीएससी अध्यक्ष से जल्दबाजी में इस्तीफा लिया गया, जिससे पूरे मामले पर संदेह पैदा होता है।
वहीं, झारखंड कांग्रेस की प्रवक्ता सोनल शांति ने कहा कि सरकार ने अपनी जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने कहा कि जैसे ही अनियमितताओं की जानकारी मिली, जांच शुरू कर दी गई और जेपीएससी अध्यक्ष ने इस्तीफा दे दिया। साथ ही सीआईडी जांच भी जारी है।
और पढ़ें: मुंबई में भारी बारिश से बढ़ा जल भंडार, सातों जलाशयों में पानी का स्तर 69.74 प्रतिशत पहुंचा