×
 

झारखंड में छात्रों का आंदोलन दो महीने के लिए स्थगित, हेमंत सोरेन सरकार ने मानी मांगें

झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्रों का आंदोलन सरकार की मांगें मानने के बाद दो महीने के लिए स्थगित कर दिया गया।

झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों ने बुधवार को अपना प्रदर्शन दो महीने के लिए स्थगित करने का फैसला किया। सरकार की ओर से मांगें स्वीकार किए जाने के बाद छात्रों ने आंदोलन अस्थायी रूप से रोकने पर सहमति जताई। प्रदर्शनकारी बुधवार शाम तक धरना स्थल छोड़ सकते हैं। छात्रों की ओर से इस संबंध में आधिकारिक बयान भी जारी किए जाने की संभावना है।

यह घटनाक्रम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार द्वारा 2014 के बाद राज्य लोक सेवा आयोग और आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से आयोजित 22 परीक्षाओं को रद्द करने तथा 23 अन्य परीक्षाओं की जांच कराने के फैसले के बाद सामने आया है।

हालांकि, जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द किए जाने से सफल अभ्यर्थियों में नाराजगी है। करीब 2,000 चयनित अभ्यर्थियों ने मंगलवार को रांची में प्रदर्शन किया। इन अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितता हुई है तो दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन बिना गलती वाले चयनित उम्मीदवारों को दंडित नहीं किया जाना चाहिए।

और पढ़ें: झारखंड छात्रों की आभार यात्रा खराब मौसम के कारण स्थगित, परीक्षाएं रद्द होने पर होना था आयोजन

रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच ने कहा कि सरकार के फैसलों के क्रियान्वयन की स्थिति स्पष्ट होने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। संगठन के प्रवक्ता पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि छात्र सरकार की घोषणाओं की वास्तविक स्थिति जानना चाहते हैं।

सरकार की कार्रवाई में औषधि निरीक्षक, सहायक प्रोफेसर, व्याख्याता, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी, वन विभाग के अधिकारियों समेत कई पदों की भर्ती परीक्षाएं शामिल हैं। झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के विभिन्न चरणों पर भी कार्रवाई की गई है।

वहीं, जेएलकेएम नेता देवेंद्र महतो ने 16 दिन की भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। उन्होंने भविष्य में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं को रोकने के लिए निगरानी समिति और भर्ती प्रक्रिया के व्यापक ऑडिट की मांग की है। उनका कहना है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन का दूसरा चरण शुरू किया जा सकता है।

और पढ़ें: जेएसएससी-सीजीएल रद्द होने के बाद कर्मचारियों का प्रदर्शन, नियुक्ति बचाने की मांग पर प्रोजेक्ट भवन के बाहर धरना

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share