जेपी नड्डा का बड़ा ऐलान: प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज सभी केस वापस होंगे, भविष्य में भी नहीं होगी सख्त कार्रवाई
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज मामले वापस लेने का आश्वासन दिया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र और बीजेपी शासित राज्यों ने कार्रवाई रोकने की बात कही।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार, 1 सितंबर को कहा कि केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस लेने का फैसला किया है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में छात्रों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी। नड्डा का बयान सुप्रीम कोर्ट द्वारा देशभर में प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द किए जाने के बाद आया।
सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए 20 से 25 जुलाई के बीच हुए प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में छात्रों को राहत दी। इन प्रदर्शनों का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने किया था। दिल्ली, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में दर्ज मामलों को इस आदेश के दायरे में शामिल किया गया।
जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार ने छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए पहले ही आश्वासन दिया था कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे और आगे उनके साथ कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी शासित राज्यों की सरकारों से भी इस संबंध में बातचीत की गई है और उन्होंने भी प्राथमिकी वापस लेने का भरोसा दिया है।
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नड्डा ने सीजेपी के 5 सितंबर को प्रस्तावित दिल्ली मार्च वापस लेने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि युवाओं का कल्याण और प्रगति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास ने सुप्रीम कोर्ट में संगठन की ओर से बयान पढ़ते हुए कहा कि केंद्र की सकारात्मक पहल और अदालत के आदेश को देखते हुए 5 सितंबर का मार्च वापस लिया जा रहा है। उन्होंने अदालत और दोनों पक्षों के वकीलों के प्रयासों के लिए आभार जताया।
सीजेपी ने 5 सितंबर, शिक्षक दिवस के दिन दिल्ली में मार्च का आह्वान किया था। संगठन का आरोप था कि केंद्र ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं और नीट पेपर लीक के खिलाफ 36 दिनों तक चले आंदोलन के दौरान किए गए वादों को पूरा नहीं किया। प्रस्तावित मार्च में कथित पुलिस कार्रवाई से प्रभावित छात्रों और दिवंगत नीट अभ्यर्थियों के परिवारों के शामिल होने की योजना थी।
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