टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के लिए जेपी नड्डा की उच्चस्तरीय बैठक, कई मंत्रालयों ने बनाई संयुक्त रणनीति
टीबी मुक्त भारत अभियान को मजबूत बनाने के लिए जेपी नड्डा ने कई केंद्रीय मंत्रालयों के साथ बैठक की। अभियान में समन्वय और जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने मंगलवार को टीबी मुक्त भारत अभियान को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय अंतर-मंत्रालयी बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया और रक्षा मंत्रालय के राज्य मंत्री संजय सेठ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक का उद्देश्य विभिन्न मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर देश से क्षय रोग (टीबी) के उन्मूलन के लक्ष्य को गति देना था। इस दौरान टीबी की रोकथाम, समय पर पहचान, प्रभावी उपचार और मरीजों को बेहतर सहायता उपलब्ध कराने के लिए साझा रणनीति पर चर्चा की गई।
जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान केवल स्वास्थ्य मंत्रालय का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज और सभी सरकारी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विभिन्न मंत्रालयों से अभियान में सक्रिय भागीदारी बढ़ाने और जनजागरूकता को मजबूत करने का आह्वान किया।
बैठक में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने, कार्यस्थलों पर टीबी जांच और जागरूकता अभियान चलाने तथा सशस्त्र बलों और रक्षा प्रतिष्ठानों के माध्यम से अभियान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने पर भी विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा 'निक्षय मित्र' पहल को और मजबूत करने तथा टीबी मरीजों को पोषण और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
मनसुख मंडाविया ने कहा कि युवा शक्ति और श्रमिक वर्ग की सक्रिय भागीदारी से टीबी उन्मूलन अभियान को नई गति मिलेगी। वहीं, राज्य मंत्री संजय सेठ ने रक्षा प्रतिष्ठानों के माध्यम से जागरूकता और सहयोग बढ़ाने का भरोसा दिया।
बैठक में अधिकारियों ने अभियान की वर्तमान प्रगति की समीक्षा की और राज्यों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया। सरकार का लक्ष्य समयबद्ध तरीके से टीबी के मामलों में कमी लाना और देश को टीबी मुक्त बनाने के राष्ट्रीय संकल्प को सफल बनाना है।
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