के. कविता ने GHMC में अनियमितताओं का आरोप लगाया, पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया की मांग
तेलंगाना जागृति के संस्थापक के. कविता ने GHMC में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन्होंने परियोजनाओं के आवंटन में पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया की मांग की है।
तेलंगाना जागृति के संस्थापक के. कविता ने ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार परियोजनाओं के आवंटन में निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं कर रही है और बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हो रही हैं।
के. कविता ने कहा कि कई विकास परियोजनाओं में पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया को दरकिनार किया जा रहा है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेके और परियोजनाएं चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए बिना उचित प्रक्रिया के दी जा रही हैं।
उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि सभी परियोजनाओं के लिए पारदर्शी और निष्पक्ष टेंडर प्रणाली अपनाई जाए ताकि भ्रष्टाचार और पक्षपात को रोका जा सके। कविता ने यह भी कहा कि नगर प्रशासन में जवाबदेही की कमी है और जनता के हितों की अनदेखी की जा रही है।
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जीएचएमसी, जो हैदराबाद शहर के विकास और नागरिक सेवाओं की जिम्मेदार संस्था है, पर पहले भी वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं। इस नए बयान के बाद एक बार फिर नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
के. कविता ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो जनता के बीच असंतोष और बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और ईमानदारी बेहद जरूरी है ताकि शहर के नागरिकों को वास्तविक लाभ मिल सके।
फिलहाल राज्य सरकार या जीएचएमसी की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। मामले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज होने की संभावना है।
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