घर में काम करने वाली से विधायक बनीं भाजपा की कलिता माझी, जानिए प्रेरणादायक कहानी
पश्चिम बंगाल में कलिता माझी घरेलू सहायिका से भाजपा विधायक बनीं। उन्होंने आसनग्राम सीट से जीत हासिल की और क्षेत्र में विकास, स्वास्थ्य व रोजगार को प्राथमिकता देने की बात कही।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां कभी घरेलू सहायिका के रूप में मात्र 4,000 रुपये मासिक कमाने वाली कलिता माझी अब विधायक बन गई हैं। कलिता ने पूर्वी बर्धमान जिले की आसनग्राम विधानसभा सीट से जीत हासिल की। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार श्यामा प्रसन्ना लोहार को 12,535 वोटों से हराया।
कलिता माझी भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार थीं और उनकी जीत पार्टी की बड़ी सफलता मानी जा रही है। उन्होंने अपनी जीत पर खुशी जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन पर भरोसा किया, जिसके लिए वह आभारी हैं।
कलिता माझी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता क्षेत्र के पिछड़े वर्गों का विकास, सड़क और पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराना, महिलाओं की सुरक्षा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना होगा।
गुस्करा नगरपालिका के वार्ड नंबर 3 में रहने वाली कलिता माझी अपने पति सुब्रत माझी (जो एक प्लंबर हैं) और बेटे के साथ रहती हैं। उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा है, लेकिन उन्होंने राजनीति में 10 साल से अधिक समय तक सक्रिय रहते हुए अपनी पहचान बनाई।
वर्ष 2021 में भी उन्होंने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था और मजबूत प्रदर्शन किया था, हालांकि तब वे हार गई थीं। लेकिन इस बार उन्होंने शानदार वापसी करते हुए जीत हासिल की।
कलिता ने बताया कि प्रचार के दौरान उन्होंने एक महीने तक काम से छुट्टी ली और पूरी तरह चुनाव में जुट गईं। उन्होंने कहा कि जिन घरों में वह पहले काम करती थीं, वहां के लोग भी उनकी जीत से खुश हैं और उन्हें आशीर्वाद दे रहे हैं।
अब विधायक बनने के बाद कलिता माझी ने कहा कि वह अपने क्षेत्र में अस्पताल बनवाने, प्रधानमंत्री आवास योजना लागू कराने, सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर काम करेंगी।
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