कल्लझगर भगवान का दिव्य प्रसंग: मंदूगा महर्षि को श्राप से मुक्ति का साक्षी बना थेनूर मंडपम
वैगई नदी के थेनूर मंडपम में भगवान कल्लझगर ने मंदूगा महर्षि को श्राप से मुक्ति दी। इस धार्मिक आयोजन में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए और दिव्य प्रसंग का साक्षी बने।
तमिलनाडु में वैगई नदी के किनारे स्थित थेनूर मंडपम शनिवार को आस्था और भक्ति का केंद्र बन गया, जहां दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने भगवान कल्लझगर के दिव्य प्रसंग का साक्षी बनने के लिए भारी भीड़ लगाई। यह आयोजन धार्मिक आस्था और पौराणिक कथाओं से जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है।
मान्यता के अनुसार, भगवान कल्लझगर ने इस अवसर पर मंदूगा महर्षि को उनके श्राप से मुक्ति प्रदान की। इस दिव्य प्रसंग को देखने के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरा क्षेत्र भक्ति भाव से गूंज उठा।
भगवान कल्लझगर शुक्रवार की सुबह वैगई नदी में प्रवेश करने के बाद शनिवार को लगभग दोपहर 2 बजे थेनूर मंडपम पहुंचे। इससे पहले उन्होंने वंडियूर स्थित वीरा राघव पेरुमल मंदिर में रात्रि विश्राम किया। इस यात्रा के दौरान वे शेष वाहनम पर सवार थे, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है।
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इस धार्मिक आयोजन में हजारों भक्तों ने भाग लिया और भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे क्षेत्र में भक्ति गीतों और मंत्रोच्चार की गूंज सुनाई देती रही।
स्थानीय प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम किए थे। नदी के किनारे श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं, जहां लोग भगवान कल्लझगर के आगमन की प्रतीक्षा कर रहे थे।
यह आयोजन हर वर्ष धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग भाग लेते हैं।
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