महाराष्ट्र के कल्याण अस्पताल में डॉक्टरों पर हमला: तीन गिरफ्तार, शिवसेना पार्षद पर अब तक नहीं हुई कार्रवाई
महाराष्ट्र के कल्याण अस्पताल में डॉक्टरों पर हमले के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे पर एफआईआर के बावजूद कार्रवाई लंबित है।
महाराष्ट्र के कल्याण-डोंबिवली स्थित एक अस्पताल में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। यह हमला शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे और उनके समर्थकों द्वारा किए जाने का आरोप है।
यह घटना 6 जुलाई को हुई थी। पुलिस ने तीन दिन बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। हालांकि पार्षद रमेश म्हात्रे के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर ली गई है, लेकिन अभी तक उनके खिलाफ कोई गिरफ्तारी या अन्य कार्रवाई नहीं की गई है। कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) के आयुक्त अभिनय गोयल ने बताया कि पार्षद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
मामले को लेकर बढ़ते विरोध के बीच महाराष्ट्र सरकार ने जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है। महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने कहा कि डॉक्टरों पर हमला गलत है और मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी को कोई समस्या है तो उसे कानून हाथ में लेने के बजाय अधिकारियों के पास शिकायत करनी चाहिए।
अस्पताल अधिकारियों के अनुसार, यह विवाद नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में बेड उपलब्ध नहीं होने को लेकर शुरू हुआ था। एक गर्भवती महिला के परिवार को डॉक्टरों ने बताया था कि नवजात को एनआईसीयू की जरूरत पड़ सकती है, लेकिन अस्पताल में सभी बेड भरे होने के कारण उन्हें दूसरे अस्पताल में ले जाने की सलाह दी गई थी।
सीसीटीवी फुटेज में पार्षद और कुछ लोग अस्पताल के एक कमरे में मेडिकल स्टाफ के साथ मारपीट करते नजर आए। वीडियो में एक महिला डॉक्टर मोबाइल फोन से घटना रिकॉर्ड करने की कोशिश करती दिखी, लेकिन हमलावरों ने उसका फोन छीनने का प्रयास किया और उसके साथ भी मारपीट की।
रमेश म्हात्रे ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने डॉक्टर को नहीं मारा, बल्कि केवल उसका फोन हटाने की कोशिश की थी। उन्होंने अपने व्यवहार पर खेद भी व्यक्त नहीं किया।
घटना के बाद डॉक्टरों और कर्मचारियों ने सुरक्षा की मांग को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। इसके चलते अस्पताल की सेवाएं प्रभावित हैं।