बेंगलुरु की प्रमुख शहरी परियोजनाओं के लिए डीके शिवकुमार ने रक्षा मंत्रालय से मांगी मंजूरी
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर बेंगलुरु की प्रमुख शहरी परियोजनाओं के लिए मंजूरी और भूमि संबंधी समस्याएं सुलझाने की मांग की।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोमवार को बेंगलुरु की कई प्रमुख शहरी बुनियादी ढांचा और विकास परियोजनाओं से जुड़े मामलों में रक्षा मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात के दौरान परियोजनाओं के लिए जरूरी मंजूरियों में तेजी लाने और जमीन से जुड़े मुद्दों को सुलझाने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, बेंगलुरु में तेजी से बढ़ती आबादी और यातायात के दबाव को देखते हुए शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना जरूरी है। इसके लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रस्तावित और निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। हालांकि, कुछ परियोजनाओं के सामने रक्षा भूमि से संबंधित मामलों और आवश्यक स्वीकृतियों की प्रक्रिया के कारण अड़चनें बनी हुई हैं।
बैठक के दौरान डीके शिवकुमार ने रक्षा मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र से जुड़े भूमि मामलों और लंबित मंजूरियों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का आग्रह किया। उनका कहना है कि केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय से इन परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है।
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बेंगलुरु कर्नाटक का प्रमुख आर्थिक और तकनीकी केंद्र है। शहर में सड़क, परिवहन और अन्य शहरी सुविधाओं पर बढ़ते दबाव के कारण सरकार विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर काम कर रही है। इन परियोजनाओं के समय पर पूरा होने से यातायात व्यवस्था और शहरी कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
डीके शिवकुमार ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बैठक में राज्य से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने रक्षा मंत्रालय से संबंधित मामलों में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, ताकि विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी न हो।
राजनाथ सिंह से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने बेंगलुरु के लिए महत्वपूर्ण परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में केंद्र सरकार के सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। अब इन मामलों में रक्षा मंत्रालय की ओर से आगे की कार्रवाई और मंजूरियों पर नजर रहेगी।
राज्य सरकार का उद्देश्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर भूमि और अनुमति से जुड़े मामलों का समाधान करना है, जिससे बेंगलुरु की शहरी विकास योजनाओं को निर्धारित गति मिल सके।
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