कर्नाटक के धारवाड़ में बिजली निजीकरण के खिलाफ किसानों का जोरदार प्रदर्शन
कर्नाटक के धारवाड़ में किसानों ने बिजली निजीकरण और लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। रैयत संघ और हसिरू सेना के बैनर तले सड़क जाम कर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।
कर्नाटक के धारवाड़ जिले में मंगलवार को किसानों का बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला, जब सैकड़ों किसानों ने बिजली आपूर्ति के निजीकरण के प्रस्ताव के खिलाफ सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसानों ने राज्य सरकार से अपनी लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की भी मांग की।
यह विरोध प्रदर्शन कर्नाटक राज्य रैयत संघ और हसिरू सेना के बैनर तले किया गया। किसानों ने कदप्पा मैदान से जुलूस निकालते हुए जूबली सर्कल तक मार्च किया। इस दौरान किसानों ने नारेबाजी करते हुए सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया।
जूबली सर्कल पर पहुंचकर किसानों ने मानव श्रृंखला बनाकर कुछ समय के लिए सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित हो गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है और बिजली जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक साबित होगा।
किसानों ने यह भी कहा कि बिजली निजीकरण से कृषि कार्यों पर सीधा असर पड़ेगा और सिंचाई व्यवस्था महंगी हो जाएगी। उन्होंने मांग की कि सरकार पहले से लंबित मुद्दों का समाधान करे, जैसे सिंचाई सुविधाओं में सुधार, उचित बिजली आपूर्ति और कृषि लागत में कमी।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस मौके पर मौजूद रही और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए गए। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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