कर्नाटक सरकार का बड़ा फैसला: दिल्ली में सिविल सेवा अभ्यर्थियों के लिए बनेगा ₹80 करोड़ का आवासीय भवन
कर्नाटक सरकार ने दिल्ली में IAS-IPS अभ्यर्थियों के लिए ₹80 करोड़ का आवासीय भवन बनाने का फैसला किया है। इसमें SC/ST उम्मीदवारों के लिए 50% सीटें आरक्षित होंगी।
कर्नाटक सरकार ने राज्य के उन छात्रों के लिए बड़ा फैसला लिया है जो दिल्ली में रहकर आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS) और अन्य केंद्रीय सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। सरकार ने ऐसे अभ्यर्थियों के लिए एक विशेष आवासीय एवं कोचिंग सहायता सुविधा केंद्र बनाने की घोषणा की है।
यह भवन नई दिल्ली में कर्नाटक भवन के पास बनाया जाएगा और इसकी अनुमानित लागत लगभग 80 करोड़ रुपये होगी। इस परियोजना का उद्देश्य राज्य के छात्रों को राजधानी में बेहतर और सुरक्षित आवास सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक और आवासीय परेशानी के अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
इस निर्णय की जानकारी मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शनिवार (20 जून 2026) को हुई कैबिनेट बैठक के बाद दी। उन्होंने बताया कि यह भवन न केवल आवास सुविधा प्रदान करेगा बल्कि अभ्यर्थियों के लिए कोचिंग और अध्ययन से जुड़ी सहायक सेवाएं भी उपलब्ध कराएगा।
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मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस सुविधा में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के अभ्यर्थियों के लिए 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाएंगी। सरकार का मानना है कि इससे समाज के कमजोर वर्गों के छात्रों को सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में अधिक अवसर मिलेंगे।
इस परियोजना को राज्य सरकार की शिक्षा और रोजगार सशक्तिकरण नीति का हिस्सा माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, भवन का निर्माण आधुनिक सुविधाओं के साथ किया जाएगा, जिसमें लाइब्रेरी, स्टडी रूम और डिजिटल लर्निंग संसाधन भी शामिल होंगे।
सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से कर्नाटक के छात्रों का चयन सिविल सेवाओं में बढ़ेगा और वे राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
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