युवा वैज्ञानिक शोध में नए कीर्तिमान स्थापित करें: राज्यपाल कविंदर गुप्ता
राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने युवा वैज्ञानिकों से कृषि अनुसंधान में नवाचार करने और किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए आधुनिक तकनीक अपनाने का आह्वान किया।
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने युवा वैज्ञानिकों से आह्वान किया है कि वे शोध के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करें, जिससे किसानों के आर्थिक कल्याण में सुधार लाया जा सके।
एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि देश की प्रगति में विज्ञान और अनुसंधान की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से युवा वैज्ञानिकों से अपेक्षा जताई कि वे अपने शोध कार्यों को कृषि क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ें, ताकि किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि आज भारत के कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण की आवश्यकता है। यदि शोध कार्य किसानों की समस्याओं जैसे सिंचाई, मिट्टी की गुणवत्ता, फसल उत्पादन और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर केंद्रित होंगे, तो इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
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राज्यपाल ने यह भी कहा कि देश में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है, लेकिन जरूरत है उसे सही दिशा देने की। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे प्रयोगशालाओं से निकलकर खेतों तक पहुंचें और अपनी तकनीक को व्यवहारिक रूप दें।
उन्होंने कृषि विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया और कहा कि उन्हें ऐसे नवाचार विकसित करने चाहिए जो सीधे किसानों के जीवन को बेहतर बना सकें।
कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों ने भी इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन तकनीक और डेटा आधारित खेती भविष्य में कृषि क्षेत्र को नई दिशा दे सकती है।
राज्यपाल ने विश्वास जताया कि यदि युवा वैज्ञानिक समर्पण और नवाचार के साथ कार्य करेंगे, तो भारत कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से आगे बढ़ेगा और किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
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