दिल्ली आबकारी नीति मामले में बरी होने के बाद अरविंद केजरीवाल बोले – मैंने पैसा नहीं, सिर्फ ईमानदारी कमाई
दिल्ली आबकारी नीति मामले में अदालत से बरी होने के बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने केवल ईमानदारी कमाई है। अदालत ने CBI के आरोपों को साक्ष्यहीन बताया।
दिल्ली की एक अदालत ने आबकारी नीति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बरी कर दिया। इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा, “इन वर्षों में मैंने पैसा नहीं, सिर्फ ईमानदारी कमाई है।” उन्होंने बताया कि अदालत के 600 पन्नों के आदेश में कहा गया है कि इस मामले में जरा सा भी सबूत नहीं है।
अदालत ने पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और 21 अन्य आरोपियों को भी आरोपमुक्त कर दिया। विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने अपने आदेश में कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई प्रथम दृष्टया मामला नहीं बनता, जिससे आरोप तय किए जा सकें।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने आम आदमी पार्टी को खत्म करने की साजिश रची। उन्होंने कहा कि उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने नरेंद्र मोदी को चुनौती देते हुए कहा कि दिल्ली में दोबारा चुनाव कराए जाएं, यदि भाजपा 10 से अधिक सीटें जीत ले तो वे राजनीति छोड़ देंगे।
और पढ़ें: दिल्ली शराब नीति मामला: केजरीवाल-सिसोदिया को मिली क्लीन चिट के खिलाफ CBI हाईकोर्ट जाएगी
कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए केजरीवाल ने सवाल किया कि क्या राहुल गांधी, सोनिया गांधी या रॉबर्ट वाड्रा जेल गए? उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं को जेल भेजा गया, लेकिन कांग्रेस चुप रही।
इस मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने कथित भ्रष्टाचार की जांच की थी। हालांकि अदालत ने कहा कि जांच एजेंसी का मामला न्यायिक जांच में टिक नहीं पाया और कानूनी रूप से स्वीकार्य साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए।
CBI ने संकेत दिया है कि वह इस फैसले को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती देगी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोप अनुमान और अटकलों पर आधारित थे तथा किसी ठोस साक्ष्य से समर्थित नहीं थे।
और पढ़ें: दिल्ली शराब नीति मामला: अरविंद केजरीवाल को बरी किए जाने के बाद भावुक, बोले- मैं कट्टर ईमानदार हूँ