कांग्रेस बैठक में खरगे की थरूर से दो टूक: प्रदर्शन में हिस्सा लें, सिर्फ अंग्रेजी अखबारों में न लिखें
कांग्रेस कार्यसमिति बैठक में शशि थरूर ने गांधी जयंती पर बड़े प्रदर्शन का सुझाव दिया। खरगे ने उनसे प्रदर्शन में भाग लेने और सक्रिय भूमिका निभाने को कहा।
कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में पार्टी नेता शशि थरूर ने गांधी जयंती पर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन आयोजित करने का सुझाव दिया। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जवाब देते हुए थरूर से प्रदर्शन में खुद भी शामिल होने को कहा और केवल अंग्रेजी अखबारों में लेख लिखने तक सीमित नहीं रहने की बात कही।
सूत्रों के अनुसार, थरूर ने बैठक में गांधी जयंती पर बड़े धरने का प्रस्ताव रखा था। इसके जवाब में खरगे ने उनसे प्रदर्शन में भाग लेने को कहा। सीडब्ल्यूसी की बैठक में चुनाव आयोग और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण समेत कई मुद्दों पर पार्टी की आगे की रणनीति पर चर्चा हो रही है। बैठक की अध्यक्षता खरगे कर रहे हैं।
थरूर लंबे समय से स्तंभकार के तौर पर सक्रिय हैं और विभिन्न मुद्दों पर लेख तथा विचार प्रकाशित करते रहे हैं। इससे पहले भी खरगे सार्वजनिक रूप से उनके लेखों को लेकर टिप्पणी कर चुके हैं। जून 2025 में भी खरगे ने थरूर के लेखन का संदर्भ देते हुए उन पर टिप्पणी की थी।
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यह कथित बातचीत उस विवाद की पृष्ठभूमि में भी सामने आई है, जब हल्द्वानी में खरगे की रैली के बाद कार्यक्रम स्थल पर कथित “शुद्धिकरण” अनुष्ठान किया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, खरगे ने उस समय सीडब्ल्यूसी के सदस्यों के सामने कुछ वरिष्ठ नेताओं की प्रतिक्रिया को लेकर निराशा जताई थी। थरूर ने भी उस घटना की आलोचना करते हुए इसे भेदभावपूर्ण मानसिकता से जुड़ा बताया था।
बैठक में राहुल गांधी की टिप्पणी का भी सूत्रों ने जिक्र किया। उनके अनुसार, राहुल गांधी ने सीडब्ल्यूसी सदस्यों से कहा कि “उनका अंत करीब है।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई एक बातचीत का भी उल्लेख किया।
सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने बताया कि एक नियुक्ति को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के सामने अपनी असहमति जताई थी। मोदी ने कथित तौर पर कहा था कि अगर इंदिरा गांधी उनकी जगह होतीं, तो वह भी ऐसा ही फैसला लेतीं। राहुल गांधी ने कहा कि उस समय उनके मन में कई विचार आए, लेकिन उन्होंने बातचीत आगे नहीं बढ़ाई।
सूत्रों के अनुसार, मोदी ने राहुल गांधी से यह भी कहा था कि उनके बाद उन्हें ही आगे आना है। राहुल गांधी ने सीडब्ल्यूसी में कहा कि यदि प्रधानमंत्री खुद कांग्रेस के सत्ता में आने की बात स्वीकार करते हैं, तो पार्टी नेताओं को भी इस संभावना को स्वीकार करना चाहिए।