मनमोहन सिंह के 2006 के बयान का हवाला देकर किरण रिजिजू ने कांग्रेस से माफी मांगी
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के 2006 के नक्सलवाद संबंधी बयान को साझा कर कांग्रेस से उनके परिवार से माफी मांगने की मांग की।
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने नक्सलवाद के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के वर्ष 2006 के बयान का हवाला दिया है। रिजिजू ने मनमोहन सिंह का पुराना बयान साझा करते हुए कांग्रेस से माफी मांगने की मांग की।
रिजिजू ने 13 अप्रैल 2006 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा दिए गए बयान का उल्लेख किया। मनमोहन सिंह ने उस समय नक्सलवाद को देश के सामने मौजूद आंतरिक सुरक्षा की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया था। रिजिजू ने इसी बयान को आधार बनाते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने वर्ष 2006 में कहा था कि नक्सलवाद की समस्या को देश के सामने अब तक की सबसे बड़ी आंतरिक सुरक्षा चुनौती कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी। रिजिजू ने इसके बाद कांग्रेस से अपील की कि पार्टी को माफी मांगनी चाहिए और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के परिवार से भी माफी मांगनी चाहिए।
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रिजिजू की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब नक्सलवाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस्तेमाल किए गए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर आपत्ति जताई है, जबकि भाजपा नक्सलवाद और उससे जुड़ी विचारधारा के खिलाफ अपने रुख को लगातार स्पष्ट करती रही है।
रिजिजू द्वारा मनमोहन सिंह के पुराने बयान को सामने लाने से राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। भाजपा नेता का तर्क है कि नक्सलवाद को गंभीर आंतरिक सुरक्षा चुनौती मानने की बात कांग्रेस के ही पूर्व प्रधानमंत्री ने कही थी।
इस मुद्दे पर अब कांग्रेस की प्रतिक्रिया का इंतजार है। दोनों प्रमुख दलों के बीच नक्सलवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक विचारधारा को लेकर आरोप-प्रत्यारोप जारी रहने की संभावना है।
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