किश्तवाड़ में आतंकियों की तलाश तेज, रात के बाद फिर शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन
किश्तवाड़ में छिपे आतंकियों को पकड़ने के लिए सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन फिर शुरू किया। जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े 2-3 आतंकी इलाके में फंसे होने की आशंका है।
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के ऊपरी इलाकों में छिपे आतंकियों को पकड़ने के लिए सुरक्षा बलों ने सोमवार (19 जनवरी, 2026) को एक बार फिर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, रातभर के विराम के बाद सुबह होते ही अभियान दोबारा शुरू किया गया।
यह अभियान रविवार (18 जनवरी, 2026) को चतरू क्षेत्र के अंतर्गत मंडराल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव में शुरू किया गया था। इस दौरान सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें अचानक किए गए ग्रेनेड हमले से आठ जवान घायल हो गए। अधिकतर जवानों को छर्रे लगने से चोटें आई हैं।
घने जंगल, खड़ी पहाड़ियां और सीमित दृश्यता के कारण रविवार देर रात ऑपरेशन को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। अधिकारियों ने बताया कि इलाके की भौगोलिक परिस्थितियां बेहद चुनौतीपूर्ण हैं, जिससे रात में अभियान चलाना मुश्किल हो गया था।
सोमवार सुबह सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों की कई टीमें ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद से इलाके की गहन तलाशी ले रही हैं। आतंकियों के भागने की किसी भी संभावना को रोकने के लिए पूरे क्षेत्र में कड़ा सुरक्षा घेरा बनाया गया है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े दो से तीन आतंकी इलाके में फंसे हुए हैं। हालांकि, ताजा जानकारी मिलने तक आतंकियों के साथ कोई नया संपर्क नहीं हुआ था।
इस अभियान को ‘ऑपरेशन त्राशी-I’ नाम दिया गया है। सेना की जम्मू स्थित व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने बताया कि यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ संयुक्त आतंकवाद-रोधी अभियान के तहत की जा रही है। सेना ने कठिन हालात में जवानों की बहादुरी और पेशेवर रवैये की सराहना की है।
इस वर्ष जम्मू क्षेत्र में यह तीसरी मुठभेड़ है। इससे पहले 7 और 13 जनवरी को कठुआ जिले के बिलावर क्षेत्र के जंगलों में भी आतंकियों से मुठभेड़ हुई थी। गणतंत्र दिवस से पहले सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके में चौकसी और बढ़ा दी गई है।