कोलकाता पंडाल भगदड़ में 19 की मौत के बाद शहर के हिस्सों में BNSS की धारा 163 लागू
उत्तर कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत के बाद पुलिस कमिश्नर अजय नंद ने तीन दिनों के लिए धारा 163 BNSS लागू की है।
कोलकाता: उत्तर कोलकाता के चोरबागान सर्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मचने से 19 लोगों की मौत हो जाने के बाद शहर के कुछ हिस्सों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 लागू कर दी गई है। यह आदेश 18 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक, यानी तीन दिनों के लिए प्रभावी रहेगा।
कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय नंद द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह प्रतिबंध बाउबाजार पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में लागू होगा, जिसकी सीमा कॉलेज स्ट्रीट, सीआर एवेन्यू, कोलोटोला स्ट्रीट और ईडन हॉस्पिटल रोड से बंधी है। आदेश में पांच या उससे अधिक लोगों के अवैध जमावड़े, लाठी या किसी भी घातक अथवा खतरनाक हथियार ले जाने, तथा शांति भंग करने या सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने की आशंका वाले किसी भी कृत्य पर रोक लगाई गई है।
आदेश में कहा गया है, "अब, इसलिए, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 की उपधारा (1) और उपधारा (3) के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं, अजय नंद, कोलकाता पुलिस आयुक्त, कोलकाता के महानगरीय क्षेत्र तथा दक्षिण 24 परगना जिले (कोलकाता पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आने वाले कोलकाता के उपनगरीय क्षेत्रों की सीमा के भीतर) के लिए कार्यकारी मजिस्ट्रेट होने के नाते, 18.10.2026 से 20.10.2026 तक या अगले आदेश तक, तीन दिनों की अवधि के लिए कोलकाता शहर के उक्त क्षेत्र में पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के किसी भी अवैध जमावड़े, लाठी या किसी घातक अथवा अन्य खतरनाक हथियार ले जाने, या शांति भंग करने तथा सार्वजनिक व्यवस्था में खलल डालने की संभावना वाले किसी भी कार्य को प्रतिबंधित करता हूं।"
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यह आदेश संभावित हिंसक प्रदर्शनों, रैलियों और सभाओं की आशंका को देखते हुए जारी किया गया है, जो सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा को प्रभावित कर सकते थे। यह आदेश तीन दिनों तक या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।
यह हादसा चोरबागान सर्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में भारी भीड़ के बीच हुआ। घायलों को इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया, वहीं अधिकारियों ने भगदड़ की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है।
इस बीच पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रत्येक पीड़ित के परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा और एक नौकरी देने की घोषणा की है। घटना की जिम्मेदारी तय करने के लिए विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने जांच शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, मुख्य सचिव, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और पुलिस आयुक्त (सीपी) के साथ मिलकर पूरी स्थिति पर निगरानी बनाए हुए हैं। प्रभावित लोगों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1800 345 5678 जारी किया गया है।
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