कोलकाता गोदाम हादसा: तीन की मौत, 21 लोगों को बचाया गया, मलबे में अब भी कई मजदूर फंसे
कोलकाता के तारातला में निर्माणाधीन गोदाम ढहने से तीन लोगों की मौत हो गई। 21 लोगों को बचाया गया है, जबकि कई मजदूर अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है।
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार दोपहर एक निर्माणाधीन तीन मंजिला गोदाम के ढह जाने से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 21 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। राहत एवं बचाव अभियान अभी भी जारी है और आशंका है कि 12 से 18 लोग अब भी मलबे में फंसे हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घटनास्थल का दौरा कर बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), भारतीय सेना, पुलिस और अग्निशमन विभाग संयुक्त रूप से राहत कार्य चला रहे हैं। घायलों का इलाज एसएसकेएम अस्पताल में किया जा रहा है।
मृतकों की पहचान कृष्णा चौधरी (30), रोहित चौधरी (40) और एक अज्ञात व्यक्ति के रूप में हुई है। वहीं कई घायलों को गंभीर चोटें आई हैं। अस्पताल सूत्रों के अनुसार कुछ घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है।
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यह गोदाम श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट की लीज पर दी गई जमीन पर बनाया जा रहा था। हादसे के समय वहां बड़ी संख्या में मजदूर निर्माण कार्य में लगे हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अचानक पूरी आरसीसी संरचना भरभराकर गिर गई, जिससे लोहे के भारी गर्डर और कंक्रीट के हिस्से मजदूरों पर आ गिरे।
राहत दल गैस कटर, क्रेन और अन्य भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने में जुटे हैं। एनडीआरएफ की टीम ने फंसे लोगों का पता लगाने के लिए स्निफर डॉग्स और ड्रोन भी तैनात किए हैं। बचावकर्मी मलबे के नीचे से आ रही आवाजों के आधार पर लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रारंभिक जांच में निर्माण कार्य में डिजाइन और गुणवत्ता संबंधी खामियों की आशंका जताई गई है। राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन समूह के नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है।
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