कुवैत की कंपनी और इंदौर की फर्म के बीच ₹7,430 करोड़ का मत्स्य पालन समझौता, 35,000 रोजगार का अनुमान
मध्य प्रदेश में कुवैत और इंदौर की कंपनियों के बीच ₹7,430 करोड़ का मत्स्य पालन समझौता हुआ। इससे 35,000 रोजगार और राज्य के मत्स्य क्षेत्र में बड़ा विकास होगा।
मध्य प्रदेश में मत्स्य पालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा निवेश समझौता किया गया है। कुवैत स्थित एक कंपनी और इंदौर की एक भारतीय फर्म के बीच ₹7,430 करोड़ का समझौता (एमओयू) हुआ है। यह समझौता मुख्यमंत्री मोहन यादव की मौजूदगी में भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह समझौता राज्य के मत्स्य पालन क्षेत्र के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन साबित होगा और इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार लगातार कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है।
इस परियोजना के तहत राज्य में लगभग 35,000 नए रोजगार अवसर सृजित होने की उम्मीद है। इससे न केवल स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि मत्स्य उत्पादन और निर्यात को भी नई दिशा मिलेगी।
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अधिकारियों के अनुसार, यह समझौता मध्य प्रदेश की नई औद्योगिक और कृषि नीति के तहत किया गया है, जिसका उद्देश्य राज्य को निवेश का प्रमुख केंद्र बनाना है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह समझौता भारत और कुवैत के बीच आर्थिक सहयोग को भी मजबूत करेगा। साथ ही यह परियोजना तकनीकी हस्तांतरण और आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों को बढ़ावा देगी।
इस निवेश से राज्य के कई जिलों में मत्स्य पालन आधारित इकाइयों, प्रोसेसिंग यूनिट्स और कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को बढ़ावा मिलेगा।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति देगी और किसानों तथा ग्रामीण उद्यमियों के लिए आय के नए स्रोत खोलेगी।
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