कुवैत में मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा, अमेरिका-ईरान तनाव के बीच खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा संकट
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कुवैत में मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा किया गया। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर हालात और अधिक गंभीर हो गए हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब खाड़ी देशों पर भी दिखने लगा है। कुवैत ने दावा किया कि उसके क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन से हमला हुआ है। हालांकि कुवैत की सेना ने यह स्पष्ट नहीं किया कि हमला किसने किया और किस स्थान को निशाना बनाया गया।
यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब अमेरिका ने ईरानी ठिकानों पर नई सैन्य कार्रवाई की है और ईरान ने जवाबी हमले का दावा किया है। कुवैत सेना के अनुसार, देश में सुनी गई विस्फोट जैसी आवाजें वास्तव में एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा मिसाइल और ड्रोन को इंटरसेप्ट करने की वजह से थीं।
इस पूरे घटनाक्रम ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बढ़ा दी है। कुवैत पहले भी इस संघर्ष के दौरान ईरान या इराक स्थित शिया समूहों के हमलों का सामना कर चुका है। अब एक बार फिर इस तरह की घटना ने तनाव को और बढ़ा दिया है।
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उधर अमेरिका का कहना है कि उसकी सेनाओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के चार आत्मघाती ड्रोन मार गिराए। इसके अलावा बंदर अब्बास में एक ड्रोन नियंत्रण केंद्र को भी निशाना बनाया गया, जहां से एक और ड्रोन लॉन्च की तैयारी थी। अमेरिकी अधिकारियों ने इसे “रक्षात्मक कार्रवाई” बताया है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने पुष्टि की है कि बंदर अब्बास के पास अमेरिकी हमले के जवाब में उसने एक अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने आगे भी ऐसी कार्रवाई की तो उसका जवाब और अधिक “कड़ा और निर्णायक” होगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य पहले से ही बंद है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हालात जल्द नहीं संभले तो यह संघर्ष पूरे क्षेत्र को बड़े युद्ध की ओर धकेल सकता है।
फिलहाल कुवैत में हुए हमले की पुष्टि और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन पूरे पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच चुका है।